बिहार की सियासत में इन दिनों 'राम'चंद्र नाम पर सियासी भूचाल आया हुआ है. रामचंद्र यानी आरसीपी ने बयान क्या दिया कि वो जो भी हैं, अपनी मेहनत से हैं. जदयू नेताओं को ये बयान रास नहीं आया और जदयू के नेता लोटा-पानी लेकर आरसीपी सिंह के पीछे पड़ गए हैं. बिहार सरकार में मंत्री और नीतीश के काफी करीबी बताये जाने वाले अशोक चौधरी ने आरसीपी सिंह को खरी-खरी सुनाई है. अशोक चौधरी ने साफ कहा है कि ऐसा नहीं है, यहां बिना नीतीश कृपा के कुछ होने वाला नहीं है.
आरसीपी सिंह पर जदयू नेताओं का हमला
आपको बता दें कि इन दिनों आरसीपी सिंह पर जदयू नेताओं का लगातार हमला जारी है. जहां उपेंद्र कुशवाहा लगातार आरसीपी सिंह पर निशाना साधते रहते हैं. वहीं अब जदयू नेता और बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी भी आरसीपी सिंह पर हमलावर हैं. आरसीपी सिंह ने कल दिल्ली से पटना पहुंचने पर कहा था कि वह जो भी बने हैं अपने परिश्रम से बने है.
इस बयान पर बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने कहा आरसीपी सिंह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बिना कुछ नहीं. पहले क्या थे. किस पार्टी में थे, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कृपा से दो बार राज्यसभा गए. 5 हजार लोग भी उनके कार्यक्रम में नहीं जुट सकते बिना मुख्यमंत्री की कृपा से. वो भविष्य में क्या करेंगे ये नही पता. अशोक चौधरी ने कहा कि उनका बयान देना की राजनीति में अपने दम पर हैं. ये हास्यास्पद है. वहीं आरसीपी सिंह के ये कहने पर की वो पीएम की कृपा से मंत्री बने.
नीतीश कुमार को बताया सर्वमान्य नेता
इसपर अशोक चौधरी ने कहा कि ये बात सही है खुद उन्होंने माना और इससे साफ हो गया कि बिना मुख्यमंत्री के कंसेंट के मंत्री बन गए. फिलहाल वो पार्टी में हैं, वो जैसी भूमिका चाहेंगे वैसी भूमिका पार्टी में मिलेगी. अशोक चौधरी ने ये भी कहा कि जदयू में कोई गुटबाजी नहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही सर्वमान्य नेता है.
उनकी कृपा से से ही लोग बनते हैं, उनका हाथ हटा तो कोई कुछ नहीं. अशोक चौधरी के बाद आरसीपी सिंह पर जेडीयू के प्रवक्ता अरविंद निषाद हमला करने लगे. निषाद ने कहा कि RCP सिंह को यह कबूल करना चाहिए कि मैं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कृपा से राज्यसभा में नामित हुआ, जदयू राष्ट्रीय महा सचिव संगठन एवं जदयू राष्ट्रीय अध्यक्ष बना.
नीतीश कुमार की कृपा रही
मनुष्य को अहंकार में नहीं बल्कि ईमानदारी से स्वीकार करना चाहिए के मैंने जो भी पद प्राप्त किया वह नीतीश कुमार के कृपा से बने. निषाद ने कहा कि राज्य सभा से लेकर जदयू के सांगठनिक पद तक माननीय नीतीश कुमार की कृपा से बने. यह भी सच है कि आप केन्द्रीय मंत्री अपनी मर्जी से बने न कि अपने ईमानदारी और परिश्रम एवं संघर्ष के बदौलत.