बिहार के नवादा में जहरीली शराब के मामले की जांच के लिए पटना से एक जांच दल भेजा गया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि जिस प्रकार नवादा के अधिकारी बता रहे हैं और जो मीडिया में खबरें आ रही हैं या मृतक के परिवार वाले कह रहे हैं, उसमें काफी अंतर है. इसलिए पटना से एक जांच दल को भेजा गया है जो एक एक चीज की जांच करेगा. नवादा में जहरीली शराब से कथित तौर पर अबतक 10 लोगों की मौत हो चुकी है. लेकिन प्रशासन का कहना है कि ये मौतें जहरीली शराब से नहीं हुई हैं. जबकि मृतक के परिवार वाले साफ-साफ कह रहे हैं कि उनकी मौत जहरीली शराब से हुई है. सच्चाई जाने के लिए पटना से एक जांच दल को भेजा गया है.
शुक्रवार को नवादा के डीएम यशपाल मीणा ने कहा कि हमलोगों ने एक स्पेशल टीम बनाई है जो ग्राउंड लेवल पर काम कर रही है. इस स्पेशल टीम को पूरी पारदर्शी तरीके से जांच करने को कहा गया ताकि कोई गुनहगार बच न सके. दूसरी तरफ नवादा की एसपी डीएस सांवलाराम ने कहा कि कि दो तीन परिवारों का कहना है कि मौतें शराब की वजह से हुई हैं, लेकिन हमलोग सुनिश्चित नहीं कर सकते कि उनकी मृत्यु किस कारण से हुई हैं. क्योंकि मृतकों का अंतिम संस्कार परिवार वालों ने पहले ही कर दिया था. एसपी ने कहा कि हालांकि उनके बयान के आधार पर एक महिला को गिरफ्तार किया गया है जो शराब और ताड़ी बेचा करती थी. वहीं उन इलाकों में भारी मात्रा में अवैध शराब की भट्टी को नष्ट भी किया गया है.
उन्होंने कहा कि अगर उस इलाके में अवैध शराब की भट्टियां थीं, जिसे पुलिस ने नष्ट किया फिर नवादा जिला प्रशासन को जहरीली शराब से मौत पर क्यों अंदेशा हो रहा है? आखिर किसको बचाने की कोशिश हो रही है? जबकि परिवार के लोग ये बता रहे हैं कि उनके परिजन की मौत शराब पीने से हुई है. लेकिन जिला प्रशासन के द्वारा जो 10 लोगों की मौत की वजह बताई गई है वो चौंकाने वाली है. एक की मौत हार्ट अटैक की वजह से बताई गई है तो दो लोगों की मौत डायरिया की वजह से बताई गई है. एक की मौत मिर्गी से तो एक की मौत नेचुरल कॉज की वजह से हुई, जबकि दो लोगों की बॉडी का परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया है. तीन बॉडी अभी भी पुलिस के पास है, जिसको पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है, जिसकी रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है.
जाहिर है कि नवादा प्रशासन की दलीलों पर किसी को भरोसा नहीं हो रहा है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी नहीं, इसलिए पटना से एक टीम जांच के लिए भेजी गई है, जिस तरह से मुख्यमंत्री ने इस मामले में गंभीरता दिखाई है उससे लगता है कि इस मामले की लीपापोती करने वाले अधिकारियों पर गाज गिर सकती है. मुख्यमंत्री ने इस घटना पर दुख जताते हुए साफ कर दिया कि इस मामले में जो भी दोषी होंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.