बिहार के गोपालगंज निवासी एनएसजी कमांडो दीपक कुमार सिंह की लेह में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई. इसकी खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया. किसी को विश्वास नहीं हो रहा था कि उनका होनहार बेटा अब उनके बीच नहीं रहा.
साथी कमांडो के साथ ट्रेनिंग कैंप जा रहे थे
बरौली नगर पार्षद के वार्ड-10 निवासी दीपक के पिता प्रहलाद सिंह के अनुसार, बुधवार सुबह करीब नौ बजे दीपक कुमार सिंह गाड़ी चला रहे थे. कुछ अन्य कमांडो के साथ ट्रेनिंग कैंप जा रहे थे. अचानक उनकी गाड़ी भीषण बर्फबारी के चलते हादसे का शिकार हो गई और मौत हो गई. उनके अन्य चार साथी बुरी तरह घायल हो गए. ये सूचना लेफ्टिनेंट परवीन डोगरा और मेजर ने दी.
एक महीने पहले ड्यूटी पर गए थे दीपक
बेटे के मौत की खबर सुनते ही प्रहलाद सिंह अवाक रह गए. उनको विश्वास ही नहीं हुआ कि उनका बेटा जो देश की सेवा करने के जज्बे के साथ करीब एक महीने पहले लेह में ड्यूटी पर गया था, अब नहीं रहा.
चीत्कार सुनकर घर की ओर भागे पड़ोसी
बेटे की मौत की खबर जैसे-तैसे प्रहलाद सिंह ने परिजनों को दी. इससे घर में चीत्कार मच गई. अचानक घर से उठी चीत्कार पड़ोसियों के कानों तक पहुंची तो वे प्रहलाद सिंह के घर की ओर भागे. दीपक की मौत के बारे में सुनकर हर शख्स गमगीन हो गया.
20 मिनट बाद मेजर ने फोन करके बताया
प्रहलाद सिंह का कहना है कि लेफ्टिनेंट ने फोन करके बताया था कि आपके बेटा को दुर्घटना के दौरान सिर में चोट आई है. 20 मिनट बाद मेजर ने फोन करके बताया कि आपका बेटा इस दुनिया में नहीं है. दीपक का शव 6 जनवरी को घर पहुंचेगा.
2011 में एनएससी में शामिल हुए थे दीपक
दीपक के भाई विनोद सिंह ने कहा कि दीपक साल 2011 में एनएससी में शामिल हुए थे. उसकी शादी 2014 में पूर्वी चंपारण के चकिया प्रखंड के माधोपुर छपरा गांव में माधुरी के साथ हुई थी. उसकी एक बच्ची आराध्या है. पिछले साल नवंबर तक उसकी ड्यूटी अमरनाथ में थी. इसके बाद वो घर आया था.