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पटना AIIMS के डॉक्टर ने की खुदकुशी, दरवाजा तोड़कर अंदर घुसी पुलिस

पटना एम्स के एक डॉक्टर ने हॉस्टल के कमरे में खुदकुशी कर ली है. डॉक्टर निलेश ने ये कदम क्यों उठाया ये साफ नहीं है. वो एम्स में प्रैक्टिस के अलावा पीजी की पढ़ाई भी कर रहे थे. पुलिस ने उनके कमरे को सील कर दिया और एफएसएल की टीम मौके पर पहुंचकर जांच कर रही है.

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पटना एम्स के डॉक्टर ने की खुदकुशी
पटना एम्स के डॉक्टर ने की खुदकुशी

पटना एम्स में पीजी की पढ़ाई कर रहे एक डॉक्टर ने खुदकुशी कर ली है. मूल रूप से हरियाणा के रहने वाले डॉक्टर निलेश ये कदम क्यों उठाया ये अभी साफ नहीं है. घटना की सूचना मिलने पर एम्स अस्पताल के हॉस्टल में पुलिस पहुंची और कमरे का दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंची. 

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पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है. बताया जा रहा है कि मृतक निलेश पटना एम्स में बैच 2016 से 2021 तक एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी कर वहीं प्रैक्टिस कर रहे थे. नवंबर 2022 में उन्होंने पटना एम्स में ही पीजी में एडमिशन लिया था. डॉक्टर निलेश पढ़ाई के साथ ही अस्पताल में प्रैक्टिस भी करते थे. 

रिपोर्ट के मुताबिक शुक्रवार की रात ड्यूटी करने के बाद निलेश अपने हॉस्टल के कमरे में गए और उसे अंदर से बंद कर लिया.  निलेश ने आत्महत्या कर ली इसका पता तब चला जब सुबह से शाम तक निलेश के दोस्तों का उससे संपर्क नहीं हो पाया. जब प्रोफेसर से भी उसका संपर्क नहीं हुआ तो एसएमएस और व्हाट्सएप के माध्यम के जरिए कांटेक्ट करने की कोशिश की गई.

जब निलेश की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला तो उसके क्लासमेट ने कमरे में झांका. निलेश बेसुध कमरे में पड़े हुए थे. जब दरवाजा तोड़कर सभी लोग अंदर घुसे तो उसकी मौत हो चुकी थी. 

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घटना की सूचना पुलिस को दी गई जिसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. फुलवारी शरीफ थानाध्यक्ष  सफीर आलम ने बताया कि पटना एम्स में पीजी के एक छात्र की संदिग्ध अवस्था में लाश मिली है. शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है. कमरे को सील कर दिया गया है और एफएसएल की टीम बुलाई गई है. इस मामले की जांच की जा रही है.

(अगर आपके या आपके किसी परिचित के मन में आता है खुदकुशी का ख्याल तो ये बेहद गंभीर मेडिकल एमरजेंसी है. तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416  पर भी कॉल कर सकते हैं. यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे. याद रखिए जान है तो जहान है.)
 

 

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