बिहार में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है जिसे लेकर राजधानी पटना पर बाढ़ (Flood) का खतरा अभी भी मंडरा रहा है. इस बीच बाढ़ की आशंका को देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish kumar) खुद हालात का जायजा लेने के लिए ग्राउंड जीरो पर उतरे और अधिकारियों को पूरी तैयारी करने का निर्देश दिया.
पटना के दानापुर से लेकर पटना सिटी इलाके के बीच आने वाले तमाम बड़े-छोटे घाट जिनमें दीघा घाट, गांधी घाट, कृष्णा घाट, अंटा घाट, भद्रा घाट और कंगन घाट शामिल है सभी पानी में डूब गए हैं और गंगा खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही है.
गांधी घाट पर जहां गंगा में खतरे का निशान 48.6 मीटर है वहां फिलहाल गंगा का पानी खतरे के निशान से 129 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है. हालांकि, गंगा का पानी 50.80 मीटर के रिकॉर्ड स्तर तक नहीं पहुंचा है जो अगस्त 2016 में दर्ज किया गया था.
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राजधानी पटना में बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन हरकत में आ गया है और गांधी घाट पर बड़े-बड़े बालू के बोरे लगाए जा रहे हैं ताकि गंगा का पानी को शहर में घुसने से रोका जा सके.
इसी बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी पटना में बाढ़ की आशंका को देखते हुए बुधवार को हालात का जायजा लेने के लिए ग्राउंड जीरो पर उतरे और तमाम घाटों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश जारी किया राजधानी पटना समेत 12 जिले जहां से गंगा गुजरती है वहां पर पूरी तैयारी करने का आदेश दिया.
नीतीश कुमार ने कहा, 'गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा था यह हमें जानकारी थी. इस बात की भी जानकारी मिली है कि गंगा का जलस्तर अभी और बढ़ेगा. इसी को लेकर आज मैंने निरीक्षण किया है और 12 जिले जहां से गंगा गुजरती है वहां ध्यान देने की जरूरत है. इन अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अपनी तरफ से पूरी तैयारी कर लें.'