scorecardresearch
 

बिहार: प्रेमिका ने ही की थी पुजारी की हत्या, पुलिस टीम पर हमले को लेकर 100 से ज्यादा लोगों पर FIR

बिहार के गोपालगंज में पुजारी की निर्मम हत्या के मामले के खुलासे के बाद अब पुलिस ने सैकड़ों लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. दरअसल पुजारी का शव मिलने के बाद लोगों ने हाइवे को जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया. इसके बाद जाम हटवाने पहुंची पुलिस पर भीड़ ने हमला कर दिया और पत्थरबाजी शुरू कर दी. इसमें पुलिसकर्मियों को चोट भी आई थी और उनके वाहनों को भी तोड़ा गया था.

Advertisement
X
पुलिस ने 100 से ज्यादा लोगों के खिलाफ दर्ज किया केस
पुलिस ने 100 से ज्यादा लोगों के खिलाफ दर्ज किया केस

बिहार के गोपालगंज में एक पुजारी की निर्मम हत्या के बाद पुलिस ने अब इस मामले का खुलासा कर दिया है. इसमें पुजारी की प्रेमिका की भूमिका सामने आई है. वहीं दूसरी तरफ हत्या के बाद प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित भीड़ ने पुलिस टीम पर जो हमला किया था उसमें 25 नामजद और 100 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. 

Advertisement

डीआईजी विकास कुमार ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपियों ने पुलिस को दिए गए बयान में बताया है कि मनोज कुमार अपनी प्रेमिका नेहा कुमारी की शादी के बाद भी अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देता था. इसी बीच नेहा अपनी चचेरी बहन की शादी में शामिल होने के लिए मायके आई थी.

अधिकारी ने कहा, 'इस दौरान पुजारी उसे ब्लैकमेल करने लगा. इसी बात से नाराज प्रेमिका ने अपने भाई और चाची के साथ मिलकर उसे अपने घर बुलाया. करीब चार दिन तक बंधक बनाकर रखने के बाद हत्या कर दी थी. 16 दिसंबर को उसका शव गांव में ही झाड़ी से बरामद किया गया था. हत्या के बाद उसकी दोनों आंखें निकाल ली गई थीं. जीभ और गुप्तांग को भी काट दिया गया था.

बता दें कि पुजारी की हत्या के बाद इलाके में तनाव फैल गया गया था. लोगों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया था. अब पुलिस ने ऐसे लोगों के खिलाफ भी एक्शन लिया है. पुलिस ने सभी अभियुक्तों पर जानलेवा हमला करने, पुलिस पर पत्थरबाजी करने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने  समेत अन्य संगीन धाराएं लगाई हैं. इसकी जानकारी सारण डीआईजी विकास कुमार ने प्रेस कॉन्फेंस के दौरान दी.

Advertisement

पुजारी की हत्या के बाद हुआ था जमकर बवाल

करीब छह दिन से लापता पुजारी मनोज कुमार का शव 16 दिसंबर को मिलने के बाद आक्रोशित लोगों ने एनएच 27 को जामकर हंगामा किया था. इस दौरान उग्र भीड़ ने पुलिस टीम पर पथराव भी किया था जिसमें दो पुलिस जवानों को चोटें आई थी. वहीं उग्र भीड़ ने एक पुलिस वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया था. पुलिस को अपने बचाव में हवाई फायरिंग भी करनी पड़ी थी.

घटना को लेकर सारण क्षेत्र के डीआईजी विकास कुमार ने कहा कि मनोज साह हत्याकांड के बाद कुछ असामाजिक तत्वों के द्वारा अनावश्यक रूप से पुलिस पर दबाव बनाने के लिए सड़क जाम कर प्रदर्शन किया जा रहा था. पुलिस पर आक्रमण भी किया गया. इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है जिसमें 25 नामजद और तकरीबन 100 अज्ञात लोगों को अभियुक्त बनाया गया है.

बता दें कि मांझा थाना क्षेत्र के दानापुर गांव के रहने वाले मनोज कुमार गांव के ही शिव मंदिर में पुजारी थे. करीब छह दिन पहले घर से मंदिर में पूजा करने के लिए गए और अचानक गायब हो गए थे. आरोपियों ने पुजारी को गोली मारने के बाद उसकी दोनों आंखें निकाल ली और प्राइवेट पार्ट को भी काट दिया था.

इनपुट - विकास कुमार
Live TV

Advertisement
Advertisement