चुनावी रणनीतिकार और बिहार में जन सुराज यात्रा के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार की राजनीति को लेकर एक बार फिर उन पर हमला बोला है. प्रशांत किशोर ने कहा है कि 2024 के लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद नीतीश कुमार किस दिशा में जाएंगे ये धरती पर कोई व्यक्ति नहीं बता सकता, खुद नीतीश कुमार भी नहीं बता सकते हैं.
सहयोगी को डराते हैं नीतीश कुमार: पीके
प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार पर तंज करते हुए कहा कि G20 में जो डिनर हुआ उसमें जाकर ठहाका लगा रहे थे, ये क्यों हुआ? कुछ दिन पहले कोऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक हुई उसमें उनकी पार्टी के अध्यक्ष ललन सिंह नहीं गए, किसी दूसरे आदमी को उन्होंने भेजा. ऐसा नहीं है कि नीतीश कुमार कल बीजेपी में जा रहे हैं. ये नीतीश कुमार की राजनीति का तरीका है जो उनके साथ रहता है उनको हमेशा डराते रहते हैं कि अगर हम पर ध्यान नहीं दोगे तो हम उधर भी जा सकते हैं.
मुजफ्फरपुर के बिरहिमा में प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि नीतीश कुमार एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे और कहेंगे कि मेरी अंतरात्मा कह रही है कि अब इन लोगों के साथ नहीं रहेंगे. सब लोग एकजुट हुए नहीं, मैंने कहा था कि सब लोग एकजुट हो जाइए नहीं हुआ तो अब क्या करें? अब फिर से भाजपा में जा रहे हैं.
पीके ने कहा कि नीतीश कुमार इस तरह की राजनीति करते रहते हैं. मैं हर दिन बताता हूं कि मुझे नहीं लगता कि वो लोकसभा से पहले छोड़कर जाएंगे. लोकसभा तक वह रहेंगे. उन्होंने महागठबंधन क्यों बनाया है पहले ये समझिए.
पीके ने बताया क्यों आरजेडी के साथ गए नीतीश
प्रशांत किशोर ने कहा, नीतीश कुमार ने अगस्त महीने में महागठबंधन बनाया, लेकिन उससे पहले मार्च में दिल्ली आकर मेरे साथ घंटों बैठे थे, पटना में भी मिले थे. वो सिर्फ इसलिए RJD के साथ गए, क्योंकि उनके दिमाग में ये बात आ गई थी कि 2024 के लोकसभा के चुनाव के बाद अगर भाजपा देश में जीत जाएगी तो उन्हें हटाकर अपनी पार्टी का मुख्यमंत्री बनाएगी. JDU के 42 विधायक थे और भाजपा के 75 हैं तो इसी डर से इन्होंने सोचा कि भाजपा हमको हटाए इससे पहले हम खुद महागठबंधन बना लेते हैं, कम से कम 2025 तक कुर्सी बचा रहेगा.
नीतीश किस तरफ जाएंगे किसी को पता नहीं: प्रशांत किशोर
पीके ने कहा कि 2024 के लोकसभा नतीजों के बाद नीतीश कुमार किस दिशा में जाएंगे ये धरती पर कोई नहीं बता सकता, नीतीश कुमार भी नहीं बता सकते, ये उनको भी पता नहीं है. इतना बताया जा सकता है कि नीतीश कुमार की अपनी जो सहूलियत होगी जिसमें अपना स्वार्थ दिखेगा उस दिशा में वो जाएंगे.