scorecardresearch
 

एक बार फिर दहल उठा बिहारशरीफ, दो गुटों के बीच 12 राउंड फायरिंग, दहशत में लोग

रामनवमी की शोभायात्रा के मौके पर पथराव-तोड़फोड़ और आगजनी के बाद बिहार के ऐतिहासिक शहर सासाराम और नालंदा हिंसा की आग में सुलग गए. बवाल का ये सिलसिला कुछ देर के लिए रुका ही था कि एक बार फिर नालंदा का बिहारशरीफ फिर दहल उठा. पहाड़पुरा इलाके में दो गुट भिड़ गए. इस दौरान हुई 12 राउंड फायरिंग से अफरातफरी का माहौल हो गया. इलाके के लोग दहशत में हैं.

Advertisement
X
फायरिंग की घटना से एक बार फिर दहला बिहारशरीफ.
फायरिंग की घटना से एक बार फिर दहला बिहारशरीफ.

नालंदा जिले के बिहारशरीफ में रामनवमी जुलूस को लेकर शुरू हुआ बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है. शनिवार को बिहारशरीफ के पहाड़पुरा इलाके में दो गुट भिड़ गए. इस दौरान हुई 12 राउंड फायरिंग से इलाके में अफरातफरी का माहौल हो गया. सूचना पर पहुंची पुलिस पर उपद्रवियों ने पथराव कर दिया. इसमें कुछ पुलिसकर्मियों को गंभीर चोटें आई हैं. इलाके में शांति व्यवस्था कायम करने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है. पुलिस लोगों से शांति और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील कर रही है.

Advertisement

गौरतलब है कि रामनवमी के दूसरे दिन यानी शुक्रवार को पहले सासाराम में पथराव-आगजनी हुई थी. फिर नालंदा भी सुलग उठा. नालंदा में हालात और भी बिगड़े. यहां पथराव के साथ फायरिंग भी हुई, जिसमें 5 लोगों को गोली लगी. बिहारशरीफ में कुछ देर के लिए शांति हुई ही थी कि यहां के पहाड़पुरा इलाके में एक बार फिर दो गुट आमने-सामने आ गए और 12 राउंड फायरिंग हुई. इसमें तीन लोग घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पहाड़पुरा के बाद काशी तकिया इलाके में भी दो समुदाय के बीच गोलीबारी हुई है. करीब 6 राउंड फायरिंग से इलाका दहल उठा.

झारखंड के साहिबगंज में जुलूस पर पथराव

जुलूस पर पथराव की ताजा घटना झारखंड के साहिबगंज से भी सामने आई है. यहां कृष्ण नगर मोहल्ले में चैती दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान जुलूस पर पथराव किया गया. इतना ही नहीं आगजनी भी की गई, जिसमें उपद्रवियों ने दो मोटरसाइकिल को आग के हवाले कर दिया. पथराव में सदर डीएसपी राजेंद्र कुमार दुबे सहित तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए. इसके साथ ही 3 अन्य लोग भी घायल हुए हैं. पुलिस-प्रशासन ने मोर्चा संभाला है और स्थिति नियंत्रण में है. उपायुक्त रामनिवास यादव और पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे हैं.

Advertisement

लोगों के पलायन की खबरें निराधार- सासाराम एसपी

बात करें बिहार की तो यहां सासाराम में हिंसा का खौफ ऐसा है कि कुछ लोग घर छोड़ कहीं और चले गए. हिंसा की घटनाओं को देखते हुए सासाराम में सभी शैक्षणिक संस्थान 4 अप्रैल तक बंद रहेंगे. लोगों के घर छोड़ने के मामले में सासाराम एसपी का कहना है कि कस्बे में स्थिति सामान्य हो गई है और क्षेत्र से लोगों के पलायन की खबरें निराधार हैं.

उधर, नालंदा के कई इलाकों में शुक्रवार के दंगे के बाद अब भी कई जगह धुआं उठ रहा है. लोग डरे हुए हैं. तबाही के निशान साफ दिख रहे हैं. दरअसल, बिहार के रोहतास और नालंदा जिले के मुख्यालय क्रमश: सासाराम और बिहारशरीफ में रामनवमी की शोभायात्रा खत्म होने ही वाली थी, तभी दोनों शहर धधक उठे थे. शेरशाह का शहर सासाराम और ऐतिहासिक शहर नालंदा में हिंसा की आग की ऐसे जली कि लोग सिहर उठे.

एक दंपती ने खोली पुलिस प्रशासन के दावों की पोल

यहां शुक्रवार दोपहर उपद्रवियों ने पथराव किया, बाइकें तोड़ीं, गाड़ियों को जलाया और लूटपाट भी की थी. कई घंटे तक सासाराम में हिंसा का खुला खेल चलता रहा. हालात पर काबू पाने के लिए हिंसा प्रभावित इलाके में धारा-144 लागू है. सासाराम के एक हिंसाग्रस्त इलाके में घर खाली करके जा रहे एक दंपती ने पुलिस प्रशासन के दावों की पोल खोल दी. घर के मुखिया ने बताया, ''जब हम लोगों की रखवाली ही कोई नहीं कर रहा तो यहां कैसे रहेंगे?''

Advertisement

इसके अलावा, अपने बचे खुचे सामान को समेटकर जाने की तैयारी कर रही महिला ने आरोप लगाया, ''प्रशासन के सामने हमारे घरों में आग लगाई गई. सामान जलाकर राख कर दिया गया. जब हम लोगों ने मदद की गुहार लगाई तो पुलिस-प्रशासन की ओर से कहा गया कि आप लोग पहले जान बचाइए. जिंदगी रहेगी तो कितने ही घर मिल जाएंगे. इसलिए हम मजबूरी में भाग रहे हैं.''

 

Advertisement
Advertisement