बिहार में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर जहां जनता परिवार एक हो गया है, वहीं आरजेडी ने गुरुवार को पार्टी विरोधी गतिवििधयों के कारण सांसद पप्पू यादव को पार्टी से निलंबित कर दिया है.
जानकारी के मुताबिक, लालू प्रसाद की आरजेडी ने मधेपुरा से सांसद पप्पू यादव को अगले छह साल के लिए पार्टी से निलंबित कर दिया है. पप्पू यादव पर लंबे समय से पार्टी विरोधी बयानबाजी और पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त होने का आरोप लगाया गया है.
मुझे खतरा मान रहे थे: पप्पू
दूसरी ओर, पप्पू यादव ने फोन पर आजतक से कहा है कि लालू प्रसाद उन्हें अपनी विरासत के लिए खतरा मान रहे थे इसलिए उनके साथ यह बर्ताव किया गया है. पप्पू यादव ने कहा, 'लालू यादव को अपने विरासत का खतरा था इसलिए मुझे निकाला गया है.' पप्पू यादव ने आगे कहा, 'मैंने सामाजिक न्याय को मजबूत करने की बात की. अब अपने लोगों के बीच जाऊंगा, फिर कदम उठाऊंगा.'
इतना ही नहीं, कार्रवाई पर सांसद ने आरजेडी से सवाल किया है, 'रघुवंश बाबू ने भी मांझी के पक्ष में बयान दिया था. फिर मुझ पर एक्शन क्यों.'
गौरतलब है कि पप्पू यादव बीते कुछ महीनों से लगातार यह बयान दे रहे थे कि लालू प्रसाद के बाद वह आरजेडी का नेतृत्व करना चाहते हैं. यादव ने इस बाबत ये भी कहा था कि आरजेडी लोकतांत्रिक पार्टी है और इसमें परिवार के आधार पर किसी को नेतृत्व नहीं सौंपा जा सकता.
यही नहीं, पिछले दिनों जीतन राम मांझी सरकार के समय विधानसभा में बहुमत की जुगत के दौरान भी हॉर्स ट्रेडिंग के लिए पप्पू यादव का नाम आया था. यादव खुले तौर पर मांझी का समर्थन भी कर चुके हैं.