
RRB-NTPC परीक्षा के उम्मीदवारों के विरोध प्रदर्शन के बाद पटना के राजेंद्र नगर रेलवे स्टेशन पर सोमवार रात से ट्रेन का आवागमन शुरू हो गया है. दानापुर मंडल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि 22.05 बजे से राजेंद्र नगर टर्मिनल स्टेशन पर रेल परिचालन सामान्य हो गया है. सबसे पहले हावड़ा-नई दिल्ली पूर्वा एक्सप्रेस (12303) को 22.24 बजे गुलजारबाग से राजेंद्रनगर टर्मिनल के लिए रवाना किया गया और 22.22 बजे पटना-मोकामा स्पेशल ट्रेन (03280) पटना से राजेंद्रनगर टर्मिनल के लिए चलाई गई.
RRB-NTPC की परीक्षा के घोषित नतीजों में भारी गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए सोमवार को सैकड़ों आक्रोशित उम्मीदवारों ने पटना के राजेंद्र नगर रेलवे स्टेशन पर जमकर बवाल काटा था. इस प्रदर्शन की वजह से कई घंटों तक मुगलसराय-पटना रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन ठप रहा. नाराज अभ्यर्थियों के बवाल के कारण तेजस, राजधानी एक्सप्रेस और संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस समेत आधा दर्जन ट्रेनों का परिचालन रद्द कर दिया गया और कई ट्रेनों के रूट में परिवर्तन करना पड़ा.
सोमवार दोपहर के बाद से ही राजेंद्र नगर स्टेशन पर रेलवे एनटीपीसी परीक्षा के अभ्यार्थी जुटना शुरू हो गए थे और नतीजों में भारी गड़बड़ी का आरोप लगा रहे थे. जब तकरीबन 5 घंटे तक इस रूट पर ट्रेन का परिचालन बंद रहा तो आखिरकार पटना डीएम चंद्रशेखर सिंह और एसएसपी मानव जीत सिंह ढिल्लों पूरे दलबल के साथ राजेंद्र नगर रेलवे स्टेशन पर पहुंचे और आक्रोशित अभ्यर्थियों से बात करने की कोशिश की, मगर उन्हें सफलता नहीं मिली.
इसी बीच रेलवे के अधिकारी भी आक्रोशित अभ्यर्थियों को रेलवे ट्रैक खाली करने की गुहार लगाते रहे, मगर सैकड़ों की संख्या में मौजूद अभ्यर्थी स्टेशन खाली करने को तैयार नहीं थे और पूरी तरीके से राजेंद्र नगर रेलवे स्टेशन को अपने कब्जे में ले लिया था. नाराज अभ्यर्थियों की संख्या को देखते हुए स्टेशन पर भारी संख्या में पुलिस बल भी तैनात किया गया.
आखिरकार, जब नाराज छात्र राजेंद्र नगर रेलवे स्टेशन को खाली करने के लिए तैयार नहीं हुए तो जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए आक्रोशित अभ्यर्थियों पर आंसू गैस के गोले दागे और उन्हें खदेड़कर स्टेशन के बाहर कर दिया.
राजेंद्र नगर रेलवे स्टेशन पर जिस वक्त बवाल मचा हुआ था, उस दौरान हजारों की संख्या में यात्री स्टेशन के बाहर ट्रेन आने का इंतजार करते रहे, मगर उन्हें अंत में रेलवे की तरफ से कहा गया कि वह वापस चले जाएं, क्योंकि स्टेशन से खुलने वाली सभी ट्रेनें लगभग रद्द कर दी गई थीं.