बिहार के भोजपुर में आरटीआई एक्टिविस्ट मृत्युंजय सिंह की हत्या के मामले में जगदीशपुरा नगर पंचायत अध्यक्ष सहित दो लोगों को दोषी ठहराया गया है. आरा सिविल कोर्ट के चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश त्रिभुवन यादव की कोर्ट ने सजा के फैसले की सुनवाई के लिए 6 नवंबर की तारीख दी है. दोनों दोषियों को कोर्ट के आदेश पर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है. इस मामले का एक आरोपी पहले से ही जेल में बंद है.
भोजपुर जिले के जगदीशपुर में 9 जून 2016 को आरटीआई कार्यकर्ता मृत्युंजय सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस मामले में आरटीआई कार्यकर्ता के भाई मार्कंडेय सिंह ने जगदीशपुर थाने में नगर पंचायत अध्यक्ष मुकेश कुमार गुड्डू, चुन्नू महतो व मोहम्मद सद्दाम समेत तीन लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई थी. मामले की कोर्ट में सुनवाई चल रही थी.
दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश त्रिभुवन यादव ने आरोपी चुन्नू महतो को भादवि की धारा 302 व 27 आर्म्स एक्ट तथा आरोपी मुकेश कुमार गुड्डू को भादवि की धारा 302/120 (बी) के तहत दोषी करार देते हुए जेल भेज दिया है. जबकि पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में आरोपी मोहम्मद सद्दाम को आरोप मुक्त करते हुए रिहाई का आदेश दिया गया.
इस तरह हुई थी हत्या
अधिवक्ता नागेश्वर दुबे ने बताया कि 9 जून 2016 को जगदीशपुर थाना के बिशेन टोला-अखोरी मोहल्ला निवासी आरटीआई कार्यकर्ता मृत्युंजय सिंह बाजार से दवा लेकर बाइक से घर लौट रहे थे. इस दौरान पहले से ही घात लगाए अपराधियों ने मंगरी चौक के पास घटना को अंजाम दिया था. घटना को अंजाम देने के बाद सभी अपराधी फरार हो गए थे. आज कोर्ट ने हत्या के इस मामले में दो लोगों को दोषी करार दिया है. उनके सजा की सुनवाई 6 नवंबर को होगी.
भ्रष्टाचार की लड़ाई पड़ी महंगी
मृतक के भाई मार्कंडेय सिंह ने थाने में दर्ज केस में आरोप लगाया था कि मृत्युंजय सिंह नगर पंचायत जगदीशपुर में हो रहे भ्रष्टाचार व वित्तीय अनियमितता के खिलाफ लगातार लड़ाई लड़ रहे थे. जिसके चलते इन लोगों के इशारे पर कई बार मुकदमा भी कराया गया था, जो जांच के बाद फर्जी पाया गया था. बार-बार भ्रष्टाचार को उजागर करने के कारण नगर पंचायत अध्यक्ष मुकेश कुमार गुड्डू समेत कई लोगों ने हत्या की साजिश रची.
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