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बिहार: बाढ़ के लिए मंत्री संजय झा ने फरक्का डैम को ठहराया जिम्मेदार, कहा- केंद्रीय नीति बनाने की जरूरत

बिहार के सिचाई मंत्री संजय झा ने बिहार में गंगा में आई बाढ़ के लिए फरक्का डैम को ज़िम्मेदार बताया है. संजय झा ने कहा पटना के गंगा नदी में 32 लाख क्यूसेक पानी निकल रहा है जबकि फरक्का डैम का डिसचार्ज केवल 27 लाख है, ऐसे में बाढ़ आना लाजमी . जितना पानी आ रहा है उससे कम डिस्चार्ज है जिसकी वजह से बाढ़ का पानी फैल रहा.

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बिहार सरकार में संजय झा मंत्री हैं. (फाइल फोटो)
बिहार सरकार में संजय झा मंत्री हैं. (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सीएम नीतीश भी इस डैम को लेकर उठा चुके हैं मांग
  • संजय झा ने फरक्का डैम को ठहराया जिम्मेदार

बिहार के सिचाई मंत्री संजय झा ने बिहार में गंगा में आई बाढ़ के लिए फरक्का डैम को ज़िम्मेदार बताया है. संजय झा ने कहा पटना के गंगा नदी में 32 लाख क्यूसेक पानी निकल रहा है जबकि फरक्का डैम का डिसचार्ज केवल 27 लाख है, ऐसे में बाढ़ आना लाजमी . जितना पानी आ रहा है उससे कम डिस्चार्ज है जिसकी वजह से बाढ़ का पानी फैल रहा.

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संजय झा ने कहा कि फरक्का डैम रेट्रोफिटिंग करने की जरूरत और डिजाइन डिस्चार्ज बढ़ाने की जरुरत है, नहीं तो हर साल गंगा में बाढ़ आती रहेगी. उन्होंने नदियों में सिलटेशन को लेकर राष्ट्रीय नीति बनाने की मांग की. सीएम नीतीश पहले ही ये मांग उठा चुके हैं.

फरक्का डैम  1975 में बनकर तैयार हुआ. बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में बंगलादेश बॉर्डर से महज 10 किमी दूरी पर गंगा पर बने इस डैम का मुख्य उद्देश्य हुगली नदी को पानी देना है ताकि कोलकता का बंदरगाह में पानी का लेवल बना रहे. इस डैम के बनने से कोलकाता पोर्ट तो आबाद हुआ लेकिन बिहार गंगा में बाढ़ से बर्बाद जरूर हुआ.

डैम बनने के बाद पानी का बहाव रुक गया और लौ लैंड होने की वजह से बाढ़ का पानी कई किलोमीटर तक फैलकर तबाही मचाता है तो दूसरी तरफ गर्मियों में जब पानी  का बहाव कम होता है तब 1996 के समझौते के तहत बांग्लादेश को पानी देने की बाध्यता की वजह से भी बिहार को नुकसान होता है. कुल मिलाकर देखे तो फरक्का डैम से बिहार को कोई फायदा नहीं है. उन्होंने कहा कि जब गंगा का विकराल रूप हो और जितना क्यूसेक पानी आ रहा है और उससे कम क्यूसेक पानी डैम से डिस्चार्ज हो रहा है तो पानी का दबाव तो बढ़ेगा और आसपास के क्षेत्रों में फैलेगा.

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बिहार सिचाई विभाग के इंजीनियरो के मुताबिक जब पटना में 32 लाख क्यूसेक डिस्चार्ज है तो उसके आगे और बहुत सारी नदिया कोशी, बूढ़ी गंडक, महानंद के अलावे और कई नदिया गंगा में मिलती है तो समझा जा सकता कि फरक्का पहुंचते-पहुंचते ये 50 लाख क्यूसेक डिस्चार्ज तक पहुंचता होगा लेकिन फरक्का से उससे आधा डिस्चार्ज हो रहा है. फरक्का डैम में कुल 109 गेट है लेकिन इस भयानक बाढ़ के दौरान 8-10 गेट हमेशा बंद रहते है जिसे पानी का बहाव रुकता है.

2016 में जब गंगा में बाढ़ अपने चरम पर थी तब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने फरक्का डैम को लेकर मामला उठाया था. लेकिन अब बिहार में डबल इंजन की सरकार है लेकिन फरक्का को लेकर कोई फैसला नही हुआ. संजय झा ने कहा इस विषय को लेकर वो केंद्र के जलशक्ति मंत्री से कई बार मिले भी लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ. गंगा नदी में गाद भी एक बड़ी समस्या है जिसकी वजह से नदी की गहराई कम हो रही है और उसकी वजह से गंगा  में बाढ़ की स्थिति विकराल हो जाती है. इसके लिए एक केंद्रीय नीति बनाने की जरूरत है . मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सिलटेशन पर  राष्ट्रीय नीति बनाने का सुझाव कई बार केन्द्र को दे चुके हैं.

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फिलहाल गंगा का जल स्तर बिहार में बढ़ रहा है. सिचाई मंत्री ने कहा कि ये रविवार की सुबह तक बढ़ेगा. अभी पटना में गंगा का जल स्तर 50.39 मीटर है. कल तक ये सबसे ज्यादा 50.41 तक जाएगा उसके बाद घटना शुरू होगा. 2016 में गंगा का जलस्तर 50.52 तक गया था.

 

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