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सीक्रेट शादी, कत्लेआम और कातिल की डायरी के पन्ने... लखीसराय कांड में लड़की के परिवार की थ्योरी कुछ और ही

लखीसराय गोलीकांड के बाद अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, आरोपी आशीष चौधरी उर्फ छोटू अभी तक फरार है. पुलिस उसे तलाश कर रही है. इस मामले में तफ्तीश के दौरान नई-नई कहानियां सामने आ रही हैं. जहां आरोपी की डायरी में इस बात का जिक्र है कि उसकी झा परिवार की बेटी दुर्गा से शादी हो गई थी. तो वहीं झा परिवार के लोगों का कहना है कि आशीष उनकी बेटी से शादी करना चाहता था लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया था.

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आशीष और दुर्गा झा (फाइल फोटो)
आशीष और दुर्गा झा (फाइल फोटो)

तारीख 20 नवंबर 2023... जगह बिहार का लखीसराय शहर... छठ महापर्व को धूमधाम से मनाया जा रहा था. यहां रहने वाला झा परिवार भी इस त्योहार को लेकर काफी खुश था. परिवार ने छठ घाट से अर्घ्य दिया और घर लौटने लगा. तभी रास्ते में एक सिरफिरे युवक ने परिवार पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. इस कारण परिवार के 2 लोगों की तो मौके पर ही मौत हो गई. जबकि, 2 लोग बुरी तरह जख्मी हो गए. उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया. जहां इलाज के दौरान एक और की मौत हो गई. अब बाकी के तीन लोग जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं.

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मरने वालों की पहचान 24 साल की दुर्गा झा, उसके भाई चंदन झा और राजनंदन झा के रूप में हुई. पुलिस ने तुरंत मामले की जांच शुरू की तो पता चला गोली चलाने वाले शख्स का नाम आशीष चौधरी उर्फ छोटू है. पहले तो यह मामला एक तरफा प्यार का लग रहा था. कहा जा रहा था कि आशीष ने दुर्गा से एक तरफा प्यार में इस वारदात को अंजाम दिया. लेकिन बाद में सच्चाई सामने आई तो सभी को होश उड़ गए. पता चला कि आशीष तो झा परिवार का दामाद है.

डीआईजी संजय कुमार ने बताया कि आरोपी आशीष चौधरी के घर से एक डायरी मिली है, जिसमें आशीष चौधरी ने झा परिवार की बेटी दुर्गा के साथ प्रेम कहानी और वेवफाई की कहानी लिखी है. डीआईजी ने बताया कि दुर्गा का किसी और से प्रेम -प्रसंग चल रहा था, जो आशीष को नागवार गुजरा और 20 नवंबर की सुबह इस बड़ी वारदात को अंजाम दिया.

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15 पन्नों की डायरी से क्या हुआ खुलासा?

आशीष ने 15 पेज की जो डायरी लिखी है उसे टाइटल दिया है 'अतीत'. इसमें उसने अपना पूरा परिचय और पता दर्शाते हुए प्रेमिका दुर्गा के साथ रिलेशनशिप से लेकर विवाद तक को दर्शाते हुए लिखा है. उसने नोट में अपनी प्रेमिका दुर्गा झा से प्रेम प्रसंग स्टार्ट होने की बात लिखी है. और दुर्गा के प्रेशर पर उसे पटना ले जाने और पटना में ही एक गर्ल्स हॉस्टल में रखने और उसका पूरा खर्चा उठाने का जिक्र किया है.

लिव-इन रिलेशन फिर शादी


आशीष ने बताया है कि पहले वो कुछ भी नहीं करता था. लेकिन जब से दुर्गा उसकी जिंदगी में आई तो वह मेहनत मजदूरी करने लगा. वो भी सिर्फ दुर्गा के लिए. क्योंकि वो उससे बहुत प्यार करता था. प्यार परवान चढ़ा तो दुर्गा ने उसे लिव-इन रिलेशन में रहने को कहा. तब दोनों घर में झूठ बोलकर पटना के नाला रोड स्थित एक किराए के मकान में साथ रहने लगे. कुछ दिन बाद दोनों ने शादी भी कर ली. फिर 2018 को दोनों वापस अपने-अपने घर छठ की पूजा के लिए आए. फिर यहां अपने-अपने घरों में रहने लगे. इस दौरान दोनों ने एक दूसरे से बातचीत नहीं की. हालांकि, बाद में दोनों फिर से पटना भी लौट गए.

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'नौकरी लगते ही बदल गई दुर्गा'

उसने लिखा, ''मैंने ही दुर्गा की पटना के हथुआ मार्केट में तनिष्क ज्वेलर्स में नौकरी लगवाई. जिसके बाद अचानक से ही दुर्गा बदल सी गई. मैंने उसके बदले बर्ताव का कारण जानने की कोशिश की तो मुझे 3 जनवरी 2021 को पता चला कि उसकी जिंदगी में तो कोई सुमित नाम का लड़का आ गया है. दोनों का अफेयर भी चल रहा है. पहले तो यह सिर्फ शक था. लेकिन एक दिन यह शक उस समय यकीन में बदल गया जब वीडियो कॉल के दौरान मैंने दुर्गा को सुमित के साथ एक ही बेड पर सोते हुए देख लिया. तब दुर्गा ने मुझसे माफी भी मांगी. और मैंने उसे माफ भी कर दिया.''

आशीष ने आगे लिखा कि फिर वे लोग 14 मार्च को 2021 को अपने घर लखीसराय लौटे तो दुर्गा का असली रूप बाहर आने लगा. उसने लिखा, ''अब शायद दुर्गा को मेरी जरूरत नहीं है. वो सिर्फ मेरा इस्तेमाल कर रही थी. यही नहीं, जब दुर्गा के घर वालों को हम दोनों के बारे में पता चला तो 16 मार्च 2021 के दिन उसके घर वाले मेरे घर आए. यहां उन्होंने बहुत गालियां दीं. जिसके बाद से मैंने झा परिवार को सबक सिखाने की कसम खा ली. अगर मैं खुद मरता तो लोग मेरा मजाक उड़ाते कि लड़की के चक्कर में मर गया. इसलिए लड़की और उसके परिवार को ही मार डालने का निर्णय लिया.''

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'तीन साल से घुट-घुट कर जी रहा था'

आशीष ने लिखा कि दुर्गा के जाने के बाद वो घुट-घुट कर जी रहा था. दोस्तों ने भी उसे डिप्रेशन से बाहर निकालने में मदद की. लेकिन कोई सफल न हो सका. फिर फिर उसने दोस्तों के साथ 12 ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने का सोचा. ताकि भगवान के दर्शन करके मन को शांति मिले और सही राह भी मिल सके. लेकिन ऐन टाइम पर दोस्तों का प्लान कैंसिल हो गया. फिर वो खुद ही 12 ज्योतिर्लंग के दर्शन करने के लिए निकल पड़ा. वहां दर्शन करने बाद वो 19 नवंबर को वापस लौट आया. लेकिन बदले की भावना उसके मन में अभी भी थी. जिसके बाद उसने झा परिवार को गोलियों से छलनी कर दिया. इस वारदात में उसके एक दोस्त उमेश साव ने भी साथ दिया. फिलहाल पुलिस ने उमेश साव को गिरफ्तार कर लिया है. जबकि, आशीष की तलाश अभी जारी है.

एक न्यूज एजेंसी के मुताबिक, उधर पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें कुछ दिन पहले से ही हमलावर से धमकियां मिल रही थीं. आशीष कह रहा था कि वो उनकी बेटी के साथ शादी करना चाहता है लेकिन हम लोगों ने इस शादी के लिए इनकार कर दिया था. जिसके बाद हमने खाने में तहरीर भी दी. लेकिन पुलिस ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की. पुलिस समय रहते कार्रवाई करती तो आज यह हादसा न होता. इस पर एसपी ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है. मामले में लापरवाही बरतने वाले सभी पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.

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मामले ने पकड़ा राजनीतिक तूल

वहीं, अब इस मामले ने राजनीतिक रूप भी ले लिया है. राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय कुमार सिन्हा, जो लखीसराय के भाजपा विधायक हैं, ने इस घटना के लिए बिहार सरकार को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने आरोप लगाया, "झा परिवार को कई दिनों से हमलावर से धमकियां मिल रही थीं लेकिन पुलिस कार्रवाई करने में विफल रही. हमें डर है कि प्रशासन असली दोषियों को बचाने की कोशिश कर सकता है, और जांच को उस दिशा में मोड़ सकता है जो उनके राजनीतिक आकाओं के अनुकूल होगा."


(पटना से रोहित, मुंगेर से गोविंद और लखीसराय से बिनोद गुप्ता का इनपुट)

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