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मुजफ्फरपुर: दो साल की बच्ची के मुंह में घुसा धारदार हथियार, आधे घंटे चले ऑपरेशन के बाद निकाला गया

मुजफ्फरपुर में दो साल की बच्ची की जीभ में धारदार हथियार आर पार हो गया. पहले तो परिजन खुद ही उसे निकालने की कोशिश की. नहीं निकलने पर आनन-फानन में परिजन बच्ची को पास के अस्पताल ले गए. वहां प्राथमिक उपचार करने के बाद डॉक्टरों ने गंभीर हालत देखते हुए बच्ची को एसकेएमसीएच रेफर कर दिया.

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अस्पताल में बच्ची को लेकर परिजन
अस्पताल में बच्ची को लेकर परिजन

बिहार के मुजफ्फरपुर में खेलने के दौरान गिरने से काजल नामक दो साल की बच्ची की जीभ में धारदार हथियार (हंसुआ) आर-पार हो गया. बच्ची मुंह में हंसुआ देख परिजन परेशान हो गए. उन लोगों ने हंसुआ निकालने की बहुत कोशिश की. मगर, लेकिन तालु और दांत में फंसे होने के कारण नहीं निकल पाया. मामला नया गांव का है. 

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फिर परिजन बच्ची को लेकर औराई पीएचसी पहुंच गए. वहां प्राथमिक उपचार किया गया.डॉक्टरों ने गंभीर हालत देखते हुए बच्ची को श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसकेएमसीएच) रेफर कर दिया. दो साल की बच्ची के मुंह में हंसुआ फंसा देख अस्पताल में हर कोई परेशान हो गया.

आधे घंटे की मशक्कत के बाद मुंह से निकाला गया हंसुआ

इसके बाद सर्जरी विभाग के डॉ. चितरंजन, डॉ. अंशुमन और डॉ. आशिक मोहम्मद की टीम ने बच्ची को इलाज शुरू किया. डॉक्टरों की टीम ने करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद मुंह में फंसे हंसुआ को सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया.

वहीं, काजल के दादा भरत राय ने बताया कि यह घटना गुरुवार दोपहर की है. बच्ची का ऑपरेशन शाम चार बजे के बाद हुआ. इस बीच करीब चार घंटे तक बच्ची दर्द से चीखती-चिल्लाती रही. 

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ऐसी लापरवाही कभी नहीं करूंगा- बच्ची की पिता

बच्ची के पिता खेती करते हैं और उन्होंने बताया कि खेत से लौटने के बाद हंसुआ को खुले में लापरवाही से फेंक दिया था. बच्ची खेलते-खेलते मुंह के बल हंसुआ पर गिर गई और ये घटना हो गई. हंसुआ चार घंटे तक बच्ची के मुंह के अंदर ही फंसा रहा. बच्ची की तकलीफ देखकर कसम खाता हूं कि आज के बाद ऐसी लापरवाही कभी नहीं करूंगा.

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