बिहार के सबसे बड़े राजनीतिक परिवार में सियासी घमासान छिड़ गया है. पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के प्रमुख लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने सोमवार रात अचानक आरजेडी से इस्तीफे का ऐलान करके चौंका दिया है, लेकिन इस बार तेज प्रताप का ये दांव उल्टा पड़ता नजर आ रहा है.
आरजेडी दफ्तर में हुए पूरे प्रकरण को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने तेज प्रताप यादव से दूरी बना ली है. हर बार की तरह इस बार तेज प्रताप को मनाने की कोशिश लालू परिवार की तरफ नहीं हो रही है. ऐसे में यह पूरा मामला अब पटना से दिल्ली शिफ्ट हो गया है और आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद ने इस पूरे मामले में हस्तक्षेप किया है.
बता दें कि तेज प्रताप यादव पर सोमवार को बेहद गंभीर आरोप लगा है. युवा आरजेडी के महानगर अध्यक्ष रामराज यादव ने आरोप लगाया कि तेज प्रताप यादव ने उन्हें राबड़ी आवास में कमरे में बंद करके नंगा कर पीटा. यह घटना उस दिन हुई जिस दिन राबड़ी आवास में इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया था.
रामराज यादव ने सोमवार को आरजेडी कार्यालय जाकर पार्टी से अपना इस्तीफा सौंप दिया था. इसके बाद राबड़ी आवास पर पहुंचकर तेजस्वी यादव से मुलाकात कर अपनी बात रखी.
रामराज के बात रखने के बाद ही तेज प्रताप यादव ने कहा था कि उनके खिलाफ आरजेडी प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह, एमएलसी सुनील कुमार सिंह और तेजस्वी यादव के सलाहकार संजय यादव साजिश रच रहे हैं. साथ ही उन्होंने ऐलान किया है कि वे पार्टी से ही इस्तीफा दे देंगे. इस घटना को लेकर लालू प्रसाद यादव बेहद नाराज हैं और इस पूरे मामले पर उन्होंने रिपोर्ट तलब की है.
बताया जा रहा है कि लालू यादव भी तेज प्रताप पर लगे आरोपों को लेकर सख्त हैं. शायद यही कारण है कि तेज प्रताप जो मंगलवार को ही दिल्ली जाकर उनसे मुलाकात कर इस्तीफा देने की सोच रहे थे, अब उन्होंने दिल्ली जाने का प्लान कैंसिल कर दिया है. तेज प्रताप फिलहाल पटना में ही बने हुए हैं.
हालांकि, तेज प्रताप यादव ने इस्तीफे के ऐलान के बाद फेसबुक पर मां राबड़ी देवी के साथ एक तस्वीर भी साझा की, जिसमें मां प्यार से उनके सिर को सहलाती दिख रही हैं. माना जा रहा है कि तेज प्रताप ने इस तस्वीर से यह संकेत देने की कोशिश की है कि इस पारिवारिक झगड़े में मां उनके साथ है. लेकिन अभी तक राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव ने कोई भी बयान नहीं दिया. माना जा रहा है कि राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव ने भी तेज प्रताप यादव से दूरी बना ली है.
वहीं, तेज प्रताप के करीबियों के मुताबिक सोमवार शाम लालू ने तेज प्रताप से फोन पर बात कर उन्हें कोई भी बड़ा कदम उठाने से रोका. लालू ने तेज प्रताप को समझाया कि उन्होंने इस पूरे मामले पर रिपोर्ट तलब की है, जिसके बाद ही वह इस मामले में कोई फैसला लेंगे. तब तक उन्होंने तेज प्रताप को कोई फैसला लेने से रोका है.
तेज प्रताप लगातार पिछले कुछ समय से अपने बयानों से लगातार आरजेडी की फजीहत करा रहे हैं. खासकर अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव की. एमएलसी चुनाव के दौरान भी तेज प्रताप यादव ने इशारों-इशारों में तेजस्वी यादव पर निशाना साधा था. ऐसे में तेजस्वी यादव मेहनत कर आरजेडी की छवि को जितना सुधारने की कवायद करते हैं तो तेज प्रताप यादव अपने बयानों से उस पर उतना ही पानी फेर देते हैं.
यह बात अब किसी से छुपी नहीं है कि लालू परिवार में दोनों भाइयों के बीच सत्ता संघर्ष चल रहा है. सूत्रों के मुताबिक, तेज प्रताप लगातार पार्टी के काम में हस्तक्षेप कर रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वह चाहते हैं कि पार्टी की कमान उनके हाथ में आ जाए. वहीं, तेजस्वी यादव खुद को लालू के सियासी वारिस के तौर पर स्थापित करने में जुटे हैं. ऐसे में तेज प्रताप यादव ने इस्तीफे का जो दांव चला है, उसे लेकर लालू परिवार फिलहाल उन्हें भाव देने के मूड में नहीं है. इस तरह तेज प्रताप का दांव कहीं उल्टा न पड़ जाए?