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'150 करोड़ का घर 4 लाख में खरीदा, 1 करोड़ कैश, 1.5 KG सोना बरामद', लालू परिवार पर ED ने लगाए ये आरोप

प्रवर्तन निदेशालय ने शनिवार को बताया कि दिल्ली के पॉश इलाके में एक चार मंजिला बंगला पाया गया है, जो एबी एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से पंजीकृत है. इसका स्वामित्व और नियंत्रण तेजस्वी यादव और परिवार के पास है. ईडी ने यह भी बताया कि अब तक की जांच में करीब 600 करोड़ रुपये की अपराध की आय के साक्ष्य मिले हैं.

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राजद नेता तेजस्वी यादव. (फाइल फोटो)
राजद नेता तेजस्वी यादव. (फाइल फोटो)

प्रवर्तन निदेशालय ने राजद प्रमुख लालू यादव के बेटे और बेटियों पर सिलसिलेवार छापेमारी के बाद बड़ा दावा किया है. ED ने कहा कि दिल्ली की पॉश न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में तेजस्वी यादव का चार मंजिला बंगला सिर्फ 4 लाख रुपये में खरीदा गया था और इसकी वर्तमान में बाजार कीमत अब 150 करोड़ रुपये है. एजेंसी ने कहा कि ये संपत्ति एबी एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से पंजीकृत है. इसका स्वामित्व और नियंत्रण तेजस्वी यादव और उनके परिवार के पास है.

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जांच एजेंसी ने कहा कि यह संदेह है कि इस संपत्ति को खरीदने में बड़ी मात्रा में नकदी या अपराध की आय का उपयोग किया गया और कुछ मुंबई बेस्ड संस्थाएं रत्न और आभूषणों में काम करने वाली थीं, इसके लिए गलत तरीके से प्राप्त पैसे का उपयोग किया गया था.

'बंगला में रहते मिले तेजस्वी यादव'

जांच एजेंसी ने कहा कि कागज पर प्रोपर्टी को एबी एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और एके इन्फोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड के कार्यालय के रूप में दिखाया गया है. हालांकि, तेजस्वी यादव द्वारा इसका इस्तेमाल आवासीय संपत्ति के रूप में किया जा रहा है. इतना ही नहीं, छापे के दौरान, तेजस्वी यादव इस बंगला में रहते मिले और इसे अपनी आवासीय संपत्ति के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं.

'एक करोड़ कैश और सवा करोड़ का जेवर मिला'

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ईडी ने नौकरी के बदले जमीन मामले में छापेमारी के दौरान एक करोड़ रुपये की बेहिसाब नकदी, 1,900 डॉलर, 540 ग्राम गोल्ड बुलियन और 1.5 किलोग्राम से ज्यादा सोने के आभूषण (लगभग 1.25 करोड़ रुपये मूल्य) समेत विदेशी मुद्रा बरामद की है. वित्तीय जांच एजेंसी ने लालू यादव परिवार के सदस्यों और बेनामीदारों के नाम पर विभिन्न संपत्ति दस्तावेजों और बिक्री दस्तावेजों समेत आपत्तिजनक पेपर्स भी बरामद किए हैं, जो भूमि और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के विशाल भूखंडों के अवैध अभिवृद्धि का संकेत देते हैं।

'600 करोड़ रुपए आय के साक्ष्य मिले'

एजेंसी ने यादव परिवार के सदस्यों और बेनामीदारों के नाम पर विभिन्न संपत्ति दस्तावेजों और बिक्री दस्तावेजों सहित आपत्तिजनक दस्तावेज भी बरामद किए हैं. ईडी का कहना है कि करीब 600 करोड़ रुपये की अपराध की आय के साक्ष्य मिले हैं. इसमें 350 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियां शामिल हैं. विभिन्न बेनामीदारों के माध्यम से 250 करोड़ रुपये के लेनदेन के रूप में पाए गए हैं.

'पटना समेत अन्य जगहों पर जमीनें अधिग्रहण कीं'

एजेंसी ने दावा किया कि रेलवे में नौकरी के एवज में तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के परिवार ने पटना और अन्य क्षेत्रों में प्रमुख स्थानों पर कई जमीनों का अवैध रूप से अधिग्रहण किया था. इन भूमि पार्सल का वर्तमान बाजार मूल्य 200 करोड़ रुपये से अधिक है. इन जमीनों के लिए कई बेनामीदारों, शेल संस्थाओं और लाभकारी लोगों की पहचान की गई है.

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'7.5 लाख में प्लॉट अधिग्रहित किया, 3.5 करोड़ में बेचा'

ईडी की जांच में पाया गया कि लालू यादव परिवार द्वारा ग्रुप-डी के आवेदकों से महज 7.5 लाख रुपये में चार प्लॉट अधिग्रहित किए गए और राबड़ी देवी ने साठगांठ कर उन्हें राजद के पूर्व विधायक सैयद अबू दोजाना को 3.5 करोड़ रुपये में बेच दिया था. एजेंसी ने आरोप लगाया कि इस राशि का एक बड़ा हिस्सा तेजस्वी यादव के खाते में ट्रांसफर किया गया था.

'गरीब उम्मीदवारों के परिवार से जमीनें लेने का आरोप'

एजेंसी ने कहा कि रेलवे में ग्रुप डी की नौकरियों के बदले में गरीब उम्मीदवारों और उनके माता-पिता से जमीनें ली गईं. कई रेलवे जोन में भर्ती किए गए उम्मीदवारों में से 50% से ज्यादा लोग लालू यादव के परिवार के विधानसभा क्षेत्रों से थे. लालू यादव के परिवार और उनके सहयोगियों की ओर से रियल एस्टेट समेत विभिन्न क्षेत्रों में निवेश का पता लगाने के लिए जांच चल रही है.

क्या बीजेपी निम्न स्तर पर राजनीतिक लड़ाई लड़ेगी: लालू

ईडी ने यह भी बताया कि रागिनी यादव समेत लालू की दोनों बेटियों के आवास से 70 लाख रुपये कैश और जेवर बरामद किए गए हैं. ED ने शुक्रवार को लालू की तीन बेटियों चंदा, हेमा और रागिनी के अलावा तेजस्वी यादव के घर पर छापेमारी की थी. एजेंसी ने करीब 12 घंटे तक परिजन से पूछताछ भी की. इस कार्रवाई पर लालू प्रसाद यादव ने नाराजगी जताई थी और छापेमारी की तुलना आपातकाल से की थी. लालू का कहना था- 'हमने आपातकाल का काला दौर भी देखा है. हमने वह लड़ाई भी लड़ी थी. आधारहीन प्रतिशोध के मामलों में आज मेरी बेटियों, नन्हे-मुन्ने नातियों और गर्भवती पुत्रवधु को भाजपाई ED ने 15 घंटे से बैठा रखा है. क्या इतने निम्न स्तर पर उतर कर बीजेपी हमसे राजनीतिक लड़ाई लड़ेगी?'

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'सभी के साथ किया शिष्टाचार का व्यवहार' 

ईडी ने परेशान किए जाने के आरोपों पर सफाई भी दी और कहा- तलाशी लेते समय सभी कानूनी औपचारिकताओं का पूरी तरह से पालन किया गया और तलाशी परिसर में मौजूद महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के साथ उचित शिष्टाचार का व्यवहार किया गया. इससे पहले केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को शनिवार को पूछताछ के लिए बुलाया था. इससे पहले सीबीआई ने तेजस्वी को 4 मार्च को तलब किया था, लेकिन वह जांच एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए थे. सीबीआई ने तेजस्वी को सबूतों और उनके खिलाफ पेपर ट्रेल के आधार पर दूसरी बार तलब किया था. 

पत्नी के साथ अस्पताल में हैं तेजस्वी 

तेजस्वी अपनी पत्नी के स्वास्थ्य के कारण सीबीआई के सामने पेश नहीं हुए. उन्होंने सीबीआई को सूचित किया है कि वह आज उपस्थित नहीं हो सकते, क्योंकि वह अपनी पत्नी के साथ अस्पताल में हैं. ईडी के छापे के बाद उन्हें शुक्रवार को दिल्ली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. वह गर्भवती हैं और 12 घंटे की पूछताछ के बाद बीपी की समस्या के कारण बेहोश हो गईं थीं.

क्या है लैंड फॉर जॉब स्कैम?

लैंड फॉर जॉब स्कैम का यह केस 14 साल पुराना है. ये घोटाला उस वक्त का है, जब लालू यादव रेल मंत्री थे. दावा है कि लालू यादव ने रेल मंत्री रहते हुए रेलवे में लोगों को नौकरी देने के बदले उनकी जमीन लिखवा ली थी. बताते चलें कि लालू यादव 2004 से 2009 तक रेल मंत्री रहे थे. सीबीआई ने इस मामले में 18 मई को केस दर्ज किया था. सीबीआई के मुताबिक, लोगों को पहले रेलवे में ग्रुप डी के पदों पर सब्स्टीट्यूट के तौर पर भर्ती किया गया और जब उनके परिवार ने जमीन का सौदा किया, तब उन्हें रेगुलर कर दिया गया. 

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सीबीआई का कहना है कि पटना में लालू यादव के परिवार ने 1.05 लाख वर्ग फीट जमीन पर कथित तौर पर कब्जा कर रखा है. इन जमीनों का सौदा नकद में हुआ था. लैंड फॉर जॉब स्कैम के मामले में हाल ही में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने लालू यादव के परिवार को समन जारी किया है. इस मामले में लालू यादव, राबड़ी देवी और उनकी बेटी मीसा भारती को 15 मार्च को अदालत में पेश होना है.

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