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Bihar Metro: दिल्ली की तर्ज पर बिहार में भी हर 3 मिनट में मिलेगी मेट्रो! पटना में बनेगा तीन फ्लोर का अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन

पटना जंक्शन के पास तीन फ्लोर के हाईटेक मेट्रो स्टेशन का निर्माण किया जाएगा. पहले फ्लोर पर टिकट काउंटर, वेटिंग हॉल और खाने-पीने की दुकान और स्टॉल होंगे. वहीं, दूसरे और तीसरे फ्लोर पर ट्रेन चलेगी. आइए जानते हैं डिटेल्स.

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Bihar Metro (File Photo)
Bihar Metro (File Photo)

बिहार की राजधानी की तस्वीर बदलने और यातायात को सुगम बनाने के लिए पटना मेट्रो प्रोजेक्ट के तहत मेट्रो का काम तेजी से चल रहा है. इसी कड़ी में पटना जंक्शन के पास तीन फ्लोर का अंडरग्राउंड हाईटेक मेट्रो स्टेशन का निर्माण किया जाएगा. पहले फ्लोर पर टिकट काउंटर, वेटिंग हॉल और खाने-पीने की दुकान और स्टॉल होंगे. वहीं, दूसरे और तीसरे फ्लोर में ट्रेन चलेगी. यह इंटरचेंज स्टेशन है. यहां से कॉरिडोर वन और टू के लिए ट्रेन बदलने की सुविधा रहेगी. इसका निर्माण जायका के फंड से होना है.

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8 KM अंडरग्राउंड मेट्रों का निर्माण
पहले चरण में जापान इंटरनेशनल कॉरपोरेशन एजेंसी से मिलने वाले 5509 करोड़ की राशि से करीब 8 KM अंडरग्राउंड मेट्रो का निर्माण होगा. जिसमें पटना जंक्शन, विद्युत भवन, विकास भवन, पटना जू, राजाबाजार, रूकनपुरा स्टेशन शामिल है. साथ ही आकाशवाणी से पटना जंक्शन को जोड़ने का काम होगा. मेट्रो के अधिकारियों के अनुसार जून-जुलाई से निर्माण कार्य शुरू करने का निर्णय लिया गया है. इससे पहले निविदा सहित अन्य प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी.

2025 सितंबर पूरा होगा निर्माण
राजेंद्रनगर से आकाशवाणी के बीच अंडरग्राउंड मेट्रो का निर्माण चल रहा है. जिसमें कुल 6 स्टेशन राजेंद्रनगर, मोइनुल हक स्टेडियम, पटना विश्वविद्यालय, पटना मेडिकल कॉलेज (PMCH), आकाशवाणी स्टेशन हैं. जिसका निर्माण कार्य अगले 30 महीने यानी सितंबर 2025 तक पूरा होगा. इसके बाद फिनिशिंग, ट्रैक बिछाने, अंडरग्राउंड स्टेशन बनाने के कार्य होंगे. उधर दानापुर से पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन तक एलिवेटेड मेट्रो का निर्माण कार्य तीव्र गति से चल रहा है. जिसमें दानापुर, सगुना मोड़, आरपीएस मोड़ और पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन शामिल हैं.

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हर 3 मिनट पर ट्रेन की सुविधा
दिल्ली मेट्रो की तर्ज पर पटना मेट्रो भी पूरी तरह आधुनिक सुविधा से लैस होगी. वहीं, तेज परिचालन की मॉनिटरिंग के लिए संचार आधारित ट्रेन नियंत्रण तकनीक (सीबीटीसी) लगाई जाएगी. यह ट्रेनों की आवाजाही को नियंत्रित करने में मदद करने वाली एक मॉडर्न सिग्नलिंग प्रणाली है. यह ट्रेनों और नियंत्रण केंद्र के बीच सूचना प्रसारित करने के लिए एक वायरलेस संचार है. इससे दो ट्रेनों के बीच वेटिंग टाइम कम होता है.

कुल 24 मेट्रो स्टेशन का निर्माण
इस तकनीक से स्टेशनों पर प्रत्येक तीन मिनट में ट्रेन की सुविधा होगी. 32.5 किमी लंबी पटना मेट्रो में 24 स्टेशन होंगे. इनमें 12 स्टेशन अंडरग्राउंड और 12 एलिवेटेड हैं. मेट्रो के अधिकारियों के मुताबिक दो साल में 5 एलिवेटेड स्टेशन चालू हो होंगे. जिनमें पाटलिपुत्र बस टर्निमल, जीरोमाइल, भूतनाथ, खेमनीचक और मलाही पकड़ी शामिल हैं. इसके बाद अन्य स्टेशनों को चालू करने की योजना है.

 

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