बिहार के मुजफ्फरपुर में महिला सिपाही ने छुट्टी नहीं मिलने पर सुसाइड करने की कोशिश की. आनन-फानन में परिजनों ने सिपाही को श्री कृष्णा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया. सूचना पर पहुंची पुलिस को मौके से थानेदार के नाम लिखा सुसाइड नोट मिला है. मामले में एसएसपी ने डीएसपी सदर के पदाधिकारी को जांच के निर्देश दिए हैं.
छुट्टी मांगी, तो दी धमकी
मामला बेला थाने का है. जानकारी के मुताबिक, यहां तैनात महिला सिपाही का आरोप है कि थाना प्रभारी हरेंद्र तिवारी ने उन्हें छुट्टी नहीं दी. साथ ही धमकाया है. सुसाइड नोट में लिखा है, "मैं नेहा भारती ने थाने से छुट्टी की मांग की, तो मुझे धमकी दी गई. कहा गया कि मैं छूट्टी नही दूंगा और तुम्हें नौकरी में भी फंसा दूंगा."
थाना प्रभारी के कारण आत्महत्या कर रही हूं
यह बात बुरे तरीके से कही गई और गलत व्यवहार किया गया. साथ ही गाली-गलौज किया गया. थाना प्रभारी ने कहा कि जहां जाना है जाओ, मेरा कुछ नहीं बिगाड़ पाएगी. उससे मैं काफी डर गई हूं. मैं अपने आप को मार डालने का उपाय करने जा रही हूं. इसमें मेरा परिवार, दोस्त या सगे- संबंधी का कोई हाथ नहीं है. बेला थाना प्रभारी हरेंद्र तिवारी के कारण मै आत्महत्या कर रही हूं.
मां की तबीयत खराब थी, लेकिन नहीं मिली छुट्टी- भाई निशांत
वहीं, नेहा के छोटे भाई निशांत ने बताया कि मां की तबीयत ज्यादा खराब थी. इसलिए वह छुट्टी लेना चाहती थी. मगर, छुट्टी नहीं मिल पा रही थी. इससे वह काफी परेशान थी. पिछले दस दिनों से जब भी बात करती थी, तो दीदी रोने लगती थी.
थाना प्रभारी ने आरोपों को किया खारिज
वहीं, बेला थानेदार हरेंद्र तिवारी ने बताया कि नेहा की ड्यूटी इंटर परीक्षा में लगी हुई थी. हमने उनसे कहा कि तुम लाइन में हो. तुम्हें छुट्टी वहीं से मिलेगी. उसके बाद वह चली गई. उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया.
SSP राकेश कुमार ने दिए मामले की जांच के आदेश
मामले में एसएसपी राकेश कुमार ने बताया, "एक महिला सिपाही द्वारा आत्महत्या के प्रयास की जानकारी मिली है. अभी उनकी ड्यूटी इंटर एग्जाम में थी. फिलहाल मामले की जांच डीएसपी रैंक के पदाधिकारी से कराई जा रही है. जांच में जो भी तथ्य सामने आएगा, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी."