बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने सोमवार को केंद्र सरकार पर बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने के मामले पर ‘राजनीति’ करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि यूं तो प्रधानमंत्री बनने का कोई सपना नहीं देखा है परंतु ऐसा नहीं कि मुझमें प्रधानमंत्री बनने की योग्यता नहीं है.
पटना में पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा, ‘मोदी ने लोकसभा चुनाव में खोखले वादे कर बिहार में जीत हासिल की और अब वे झारखंड में ऐसा कर रहे हैं.’ पत्रकारों द्वारा जनता दल (युनाइटेड) के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव द्वारा उनकी सादी पृष्ठभूमि की ओर इशारा करने और प्रधानमंत्री बनने के लिए योग्य नहीं होने के बयान पर मांझी ने कहा, ‘मुझे विश्वास नहीं है कि शरद यादव ने सच में प्रधानमंत्री के पद के लिए उनके पास योग्यता न होने से जुड़ी टिप्पणियां की हैं. मुझे यकीन है कि शरद जी ने ऐसा नहीं कहा होगा. मीडिया ने जरूर उनके बयानों को तोड़ा-मरोड़ा होगा.’
मांझी ने कहा कि उन्होंने कभी भी मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री बनने का सपना नहीं देखा, लेकिन ऐसा नहीं कि उनमें प्रधानमंत्री बनने की योग्यता नहीं है. उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने के मामले पर राजनीति कर रही है, परंतु जेडीयू इस लड़ाई को नीतीश कुमार की अगुवाई में गंभीरता से लड़ रही है. उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्यमंत्रियों की दिल्ली में सात दिसंबर को प्रधानमंत्री द्वारा बुलाई गई बैठक में वे विशेष राज्य के मुद्दे को प्रमुखता से उठाएंगे.
केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान द्वारा बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सत्ता में आने के बाद ही बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिलने संबंधित बयान पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर ऐसा ही था तो मोदी ने लोकसभा चुनाव में बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने का वादा क्यों किया?
- इनपुट IANS से