तमिलनाडु में बिहार के मजदूरों के साथ हिंसा के मामले में फर्जी वीडियो शेयर करने को लेकर यूट्यूबर मनीष कश्यप की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं. तमिलनाडु पुलिस ने मनीष कश्यप को गुरुवार को मदुरै कोर्ट में पेश किया था. कोर्ट ने मनीष को तीन दिन ही पुलिस हिरासत में भेज दिया है.
तमिलनाडु पुलिस मनीष कश्यप को बिहार पुलिस की कस्टडी से 28 मार्च को लेकर आई थी. उसके खिलाफ तमिलनाडु साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने एफआईआर दर्ज की है, इसी सिलसिले में उससे पूछताछ की जाएगी. इससे पहले बिहार पुलिस और आर्थिक अपराध ईकाई ने मनीष से पूछताछ की थी. बिहार पुलिस की पूछताछ के बाद कोर्ट ने तमिलनाडु पुलिस की ट्रांजिट रिमांड की अर्जी को मंजूरी दी थी.
बता दें कि मनीष कश्यप के सरेंडर करने के तुरंत बाद तमिलनाडु पुलिस की टीम पटना पहुंची थी. तमिलनाडु पुलिस मनीष कश्यप को अपने साथ ले जाना चाहती थी, लेकिन बिहार पुलिस और ईओयू की पूछताछ की वजह से उस वक्त ऐसा नहीं हो पाया था. बता दें कि घर की कुर्की होने के डर से मनीष कश्यप ने 18 मार्च को जगदीशपुर ओपी में सरेंडर कर दिया था.
बिहार में कई जगहों पर हुआ था विरोध
यूट्यूबर मनीष कश्यप की गिरफ्तारी के विरोध में बिहार में बीते दिनों जगह-जगह विरोध प्रदर्शन भी लोगों ने किया था. राष्ट्रीय जन जन पार्टी के कार्यकर्ता और अन्य लोगों ने बेगूसराय के हर हर महादेव चौक पर हाइवे को जाम कर दिया था. पटना में भी विरोध प्रदर्शन किया गया था.
मनीष कश्यप के सभी बैंक खाते फ्रीज
बिहार पुलिस ने मनीष कश्यप के बैंक खातों में जमा राशि को फ्रीज करा दिया है. इसमें कुल 42.11 लाख रुपये की राशि है. बिहार पुलिस का कहना है कि इनके SBI के खाते में 3,37,496, IDFC BANK के खाते में 51,069, HDFC BANK के खाते में 3,37,463 इसके अलावा SACHTAK Foundation के HDFC BANK के खाते में 34,85,909 रुपये जमा हैं.
चुनाव भी लड़ चुका है मनीष कश्यप
साल 2020 में बिहार की चनपटिया विधानसभा सीट से त्रिपुरारी उर्फ मनीष ने निर्दलीय चुनाव लड़ा था. नामांकन के समय चुनाव आयोग को दिए हलफनामे में उसने बतौर प्रत्याशी अपना नाम त्रिपुरारी कुमार तिवारी बताया है. उनकी मां मधु गृहिणी हैं. पिता उदित कुमार तिवारी भारतीय सेना में रहे हैं.