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छत्तीसगढ़: बस्तर में सुरक्षाकर्मियों का बड़ा ऑपरेशन, एनकाउंटर में 31 नक्सली ढेर, हथियारों का जखीरा भी बरामद

अधिकारी ने बताया कि एनकाउंटर स्थल से 31 नक्सलियों के शव और एक एके-47 राइफल और एक एसएलआर (सेल्फ-लोडिंग राइफल) समेत हथियारों का जखीरा बरामद किया गया है. इस साल अब तक बस्तर क्षेत्र में अलग-अलग मुठभेड़ों में सुरक्षा बलों ने 185 नक्सलियों को मार गिराया गया है. इस क्षेत्र में दंतेवाड़ा और नारायणपुर सहित सात जिले शामिल हैं.

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छत्तीसगढ़ में 31 नक्सली ढेर (प्रतीकात्मक तस्वीर)
छत्तीसगढ़ में 31 नक्सली ढेर (प्रतीकात्मक तस्वीर)

छत्तीसगढ़ के बस्तर में शुक्रवार को एनकाउंटर के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने 31 नक्सलियों को मार गिराया. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि एनकाउंटर दोपहर करीब एक बजे नारायणपुर-दंतेवाड़ा अंतर-जिला सीमा पर अभुजमाड़ के थुलथुली और नेंदुर गांवों के बीच जंगल में हुआ. ऑपरेशन में जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) और विशेष कार्य बल (एसटीएफ) के जवान शामिल थे. 

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अधिकारी ने बताया कि एनकाउंटर स्थल से 31 नक्सलियों के शव और एक एके-47 राइफल और एक एसएलआर (सेल्फ-लोडिंग राइफल) समेत हथियारों का जखीरा बरामद किया गया है. इस साल अब तक बस्तर क्षेत्र में अलग-अलग मुठभेड़ों में सुरक्षा बलों ने 185 नक्सलियों को मार गिराया गया है. इस क्षेत्र में दंतेवाड़ा और नारायणपुर सहित सात जिले शामिल हैं.

न्यूज एजेंसी के मुताबिक अधिकारियों ने बताया कि घने जंगल वाले इलाके में नक्सली होने की सूचना मिली थी. इसके आधार पर सुरक्षाकर्मियों ने इलाके की घेराबंदी कर कॉम्बिंग शुरू की. तभी नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी. सुरक्षाकर्मियों ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें 28 नक्सली ढेर हो गए. इलाके में 2 घंटे तक रुक-रुककर फायरिंग हो रही थी. फिलहाल इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया गया है, ताकि पता लगाया जा सके कि इनके अन्य साथी फरार होने में कामयाब तो नहीं हुए हैं.

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कुछ दिन पहले ही नारायणपुर जिले में मुठभेड़ में तीन नक्सलियों को ढेर कर दिया गया था. इन पर 41 लाख रुपये का इनाम था. इनमें 25 लाख का इनामी रूपेश भी शामिल था. रूपेश माओवादियों की कंपनी नंबर 10 का नेतृत्व कर रहा था और महाराष्ट्र के गढ़चिरौली इलाके में सक्रिय था. उन्होंने कहा कि उसके सिर पर 25 लाख रुपये का इनाम था.

सुकमा में नक्सलियों ने किया था सरेंडर

बता दें कि कुछ दिन पहले ही सुकमा जिले में छत्तीसगढ़ के मोस्ट वांटेड नक्सली कमांडर हिडमा के गांव पुरवर्ती में 15 साल से सक्रिय चार नक्सलियों ने सरेंडर किया था. पहली बार इस गांव के किसी नक्सली ने पुलिस के सामने सरेंडर किया था. इन सभी ने पुलिस की सरेंडर नीति से प्रभावित होकर सरेंडर किया. नक्सलियों की बटालियन एक का कमांडर हिडमा छत्तीसगढ़ का मोस्ट वांटेड नक्सली है, जिस पर छत्तीसगढ़ सरकार ने एक करोड़ से ज्यादा का इनाम रखा है.

इससे पहले अप्रैल में नारायणपुर जिले में डीकेएसजेडसी का सदस्य जोगन्ना मारा गया था, जबकि इसी संगठन के एक अन्य सदस्य रणधेर की 3 सितंबर को दंतेवाड़ा जिले में हत्या कर दी गई थी. डीकेएसजेडसी छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र के अलावा पड़ोसी आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में माओवादी गतिविधियों का प्रभारी है.

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