छत्तीसगढ़ में योग्यता नहीं होने के बाद भी गली-मोहल्ले में क्लीनिक खोलकर लोगों का इलाज करने वाले झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है. रायपुर से कार्रवाई शुरू की गई है जो जल्द ही राज्य के दूसरे जिलों में भी होगी.
रायपुर में की गई जांच के बाद दो नर्सिंग होम, एक्स-रे और तीन पैथोलॉजी लैब को सील कर दिया गया है. जांच के दौरान इन अस्पतालों में नर्सिंग होम एक्ट का उल्लंघन किया जा रह था. उरला और रामनगर इलाके में आधा दर्जन ऐसे डॉक्टरों पर कार्रवाई की गई है, जिनके पास वैध डिग्री नहीं थी.
डाक्टरी की थोड़ी जानकारी के बाद बगैर डिग्री लिए कई नीम हकीम भी क्लीनिक खोलकर इलाज करते पाए गए. कई ऐसे फर्जी डॉक्टर भी मिले जो बगैर डिग्री लिए मरीजों का इलाज किसी विशेषज्ञ की तरह कर रहे थे. उनके खिलाफ भी बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई.
स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की दो दर्जन टीम इन दिनों झोलाछाप डॉक्टरों की खैर-खबर लेने निकली हुई है. अफसरों ने जिलेभर में ऐसे फर्जी डॉक्टरों की जांच कर हड़कंप मचा दिया है. सीधे-सीधे उनके क्लीनिक में सीलबंदी की कार्रवाई की जा रही है.
जांच टीम ने जिले में संचालित होने वाले 396 क्लीनिक का निरिक्षण किया, जिसमें 340 क्लीनिक में नर्सिंग होम एक्ट का उल्लंघन पाया गया. इसके बाद उन अस्पतालों को सील कर दिया गया है.