छत्तीसगढ़ के आदिवासी इलाके बस्तर में अब एयरपोर्ट उपलब्ध हो जाएगा. वहां नियमित फ्लाइट भी आएगी. हालांकि हफ्ते में कितने दिन और कहां-कहां से यहां फ्लाइट उतरेगी. इसका फैसला अगले कुछ दिनों में हो जाएगा. नागरिक उड्डयन मंत्री राजू यहां एयरपोर्ट का जायजा लेने आने वाले हैं.
डीजीसीए की मंजूरी का इंतजार
बस्तर एयरपोर्ट को विकसित करने के लिए राज्य सरकार ने 23 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं. बाकी रकम केंद्र सरकार अदा करेगी. बस्तर में अभी मौजूद एयरपोर्ट की कुल लंबाई 2300 मीटर है. इसमें 1900 मीटर की हवाई पट्टी बनी हुई है. डीजीसीए ने इसे एटीआर विमानों के लिए उपयुक्त बताया है, लेकिन बोईंग और बड़े यात्री विमानों के लिए इसके विस्तार किए जाने को अहम बताया है. इसके लिए डीजीसीए को एयरपोर्ट विस्तार की ड्राइंग सौंप दी गई है. इसकी मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा.
डीआरडीओ के अधीन था बस्तर का एयरपोर्ट
अब तक बस्तर का एयरपोर्ट डीआरडीओ के अधीन था. अब इसे कमर्शियल उपयोग के लिए एयरपोर्ट ऑथोरिटी ऑफ इंडिया को सौंप दिया गया है. वैसे तो बस्तर नक्सली वारदातों के लिए कुख्यात है, लेकिन यह इलाका अपनी खूबसूरती के लिए भी जाना जाता है. प्राकृतिक वनों और झरनों के चलते यहां देश भर से पर्यटक भी आते हैं. हवाई सेवा से यह इलाका नहीं जुड़ा था, लिहाजा पर्यटकों को पहले रायपुर आना पड़ता था. फिर वह बस्तर का रुख कर पाते थे. अब पर्यटक ही नहीं राज्य के लोग भी यहां से हवाई सेवा का लुत्फ उठा सकेंगे.