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छत्तीसगढ़: नक्सली कमांडर बसंत की मौत, ताड़मेटला जैसे कई बड़े नक्सली हमलों को दे चुका था अंजाम

कई बड़े नक्सली हमलों को अंजाम दे चुका नक्सली कमांडर बसंत उर्फ सोमलू उर्फ रवि की मौत हो गई है. रवि पिछले काफी समय से बीमार चल दिया. नक्‍सलियों ने प्रेसनोट जारी कर नक्‍सली कमांडर बसंत के मौत की जानकारी दी है.

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 नक्सली कमांडर बसन्त उर्फ सोमलू उर्फ रवि की मौत
नक्सली कमांडर बसन्त उर्फ सोमलू उर्फ रवि की मौत

छतीसगढ़ के नक्‍सल प्रभावित इलाके बीजापुर से बड़ी खबर सामने आई है. ताड़मेटला, उर्पलमेटा, तोंगगुड़ा और भट्टिगुड़ा जैसे बड़े हमलों में शामिल नक्सली कमांडर बसन्त उर्फ सोमलू उर्फ रवि की मौत हो गई है. नक्‍सलियों के दक्षिण सब जोनल के प्रवक्ता ने रवि की मौत की खबर बकायदा एक प्रेसनोट जारी कर दी. रवि लंबे समय से गंभीर बीमारियों से जूझ रहा था और तीन मई को नक्सलियों के मेडिकल कैंप में नक्सली कमांडर की मौत हो गई.

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नक्सलियों का बड़ा कमांडर था रवि

बसंत माओवादियों की बटालियन में CYPC और BNPC मेम्बर था. इसके अलावा वह नक्सलियों के हथियार कारखाना का प्रभारी भी था. संगठन में 26 साल रहने के दौरान रवि ने सैकड़ों हथियार,गोलाबारूद और बम बनाकर कई नक्सली हमलों को अंजाम दिया.बसन्त की मौत को नक्सलियों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.बीजापुर जिले के गंगालूर थाना क्षेत्र के कोरचोली निवासी बसन्त संगठन में कई महत्वपूर्ण पदों पर भी काबिज रहा था.

रवि को कई बार नक्सलियों ने अपनी बटालियनों में भी ट्रांसफर किया था और बाद में वह कमांडर औऱ सचिव के पद तक पहुंचा था. बम बनाने में माहिर रवि की मौत को नक्सली खुद भी अपने लिए बड़ा नुकसान मान रहे हैं.

ताड़मेटला नक्सल हमले में था शामिल

आपको बता दें कि सुकमा जिले ताड़मेटला में अप्रैल 201 में नक्सल इतिहास का सबसे बड़ा हमला हुआ था जिसमें सीआरपीएफ के 75 और जिला बल के एक जवान शहीद हो गए थे. जब भी नक्सली हमलों का जिक्र होता है तो ताड़मेटला का जिक्र जरूर होता है. नक्सलियों द्वारा घात लगाकर किया गया यह हमला इतना खतरनाक था कि सुरक्षाबलों को संभलने का मौका तक नहीं मिला.  

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