छत्तीसगढ़ के सुकमा में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. दो लाख रुपये की इनामी महिला नक्सली ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया. सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर इस महिला नक्सली ने सरेंडर किया जिसके बाद अब उसे सभी सुविधाएं दी जाएंगी.
बता दें कि जिले के केरलापाल और गादीरास थाना क्षेत्र में सक्रिय दो लाख की इनामी महिला नक्सली ने पुलिस और सीआरपीएफ अधिकारी के सामने आत्मसमर्पण किया. जिले में चलाये जा रहे नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत छत्तीसगढ़ शासन की 'पुनर्वास नीति' के प्रचार-प्रसार से प्रभावित होकर दो महिला नक्सली समाज की मुख्यधारा में लौट आई.
प्रतिबंधित नक्सली संगठन में सक्रिय महिला नक्सली सोड़ी बुधरी, (2 लाख इनाम) नक्सल संगठन में केरलापाल क्षेत्र की है. शनिवार को नक्सल ऑपरेशन कार्यालय सुकमा में सीआरपीएफ सेकेंड कमान अनामी शरण, सुकमा एएसपी मनीष रात्रे के सामने बुधरी ने बिना हथियार के आत्मसमर्पण कर दिया.
आत्मसमर्पण करने वाली नक्सली सोड़ी बुधरी नक्सली संगठन से जुड़कर गादीरास और केरलापाल थाना क्षेत्र में घटित कई नक्सली गतिविधियों शामिल थी. सरेंडर करने वाली महिला नक्सली को राज्य सरकार की तरफ से पुनर्वास नीति के तहत सहायता राशि और अन्य सुविधाएं दी जाएंगी.
इससे पहले बीते साल सितंबर महीने में सुकमा में 9 नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के सामने सरेंडर कर दिया था. इसमें एक लाख रुपये का इनामी नक्सली और डीकेएमएस संगठन का अध्यक्ष सहित 8 मिलिशिया कमांडर भी शामिल थे. जिन नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था वो कई मामलों में वारंटी थे. इन नक्सलियों की गिरफ्तारी के बाद अधिकारियों ने कहा था कि इससे सुकमा में नक्सल गतिविधियों पर बहुत हद तक लगाम लगेगा.
(इनपुट - धर्मेंद्र सिंह)