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सारंगढ़ सीट: बसपा के किले में BJP का कब्जा, कांग्रेस वापसी को बेताब

छत्तीसगढ़ की सारंगढ़ विधानसभा ऐसी सीट है जहां कांग्रेस, बीजेपी और बसपा तीनों का कब्जा रहा है.  ये सीट अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित है. बसपा का अजीत जोगी के साथ गठबंधन के बाद त्रिकोणीय मुकाबला होने की उम्मीद है.

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विधायक केराबाई मनहर
विधायक केराबाई मनहर

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छत्तीसगढ़ की सारंगढ़ विधानसभा सीट अनुसूचित जाति वर्ग के लिए सुरक्षित सीट है. मौजूदा समय में यहां से बीजेपी के केराबाई मनहर विधायक हैं,  लेकिन इस सीट पर दो बार बसपा का भी कब्जा रहा है. कांग्रेस इस सीट पर वापसी के लिए बेताब है.

खास बात ये है कि कांग्रेस, बीजेपी और बसपा तीनों पार्टियां बारी-बारी से जीत हासिल कर चुकी है. यही वजह है कि इस बार त्रिकोणीय मुकाबला माना जा रहा है.

सारंगढ़ की सियासी इतिहास की बात की जाए तो कभी यहां की राजनीति गिरिविलास पैलेस से संचालित होती थी. वक्त बदला और हालात बदले तो राज परिवार ने अब राजनीति से दूरी बना ली है. इसी का नतीजा है कि अब उनकी दखलअंदाजी नजर नहीं आती.

सारंगढ़ को कभी कांग्रेस का गढ़ कहा जाता था, लेकिन एक ऐसा दौर भी आया जब बीएसपी यहां मजबूत पकड़ बनाने में कामयाब रही. बसपा के कामदा जोल्हे ने 1998 और 2003 में इस सीट पर जीत हासिल करके इसे पार्टी का मजबूत दुर्ग बना दिया था. 2008 में कांग्रेस प्रत्याशी पद्मा मनहर ने सारंगढ़ में चुनाव जीतकर इस मिथक को तोड़ दिया, लेकिन 2013 में बीजेपी ने इस सीट को कांग्रेस से छीन लिया.

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2013 के नतीजे

बीजेपी के केराबाई मनहर को 81971 वोट मिले थे.

कांग्रेस के पदमा घनश्यान मनहर को 66127 वोट मिले थे.

2008 के नतीजे

कांग्रेस के पद्मा घनश्यान मनहर को 61659 वोट मिले थे.

बीजेपी के शमशेर सिंह को 50814 वोट मिले थे.

2003 के परिणाम

बसपा के कामदा जोल्हे को  32577 वोट मिले थे.

बीजेपी के श्याम सुंदर को 24419 वोट मिले थे.

छत्तीसगढ़ के समीकरण

बता दें कि छत्तीसगढ़ में कुल 90 विधानसभा सीटें हैं. राज्य में अभी कुल 11 लोकसभा और 5 राज्यसभा की सीटें हैं. छत्तीसगढ़ में कुल 27 जिले हैं. राज्य में कुल 51 सीटें सामान्य, 10 सीटें एससी और 29 सीटें एसटी के लिए आरक्षित हैं.

रमन की हैट्रिक

2013 में विधानसभा चुनाव के नतीजे 8 दिसंबर को घोषित किए गए थे. इनमें भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में लगातार तीसरी बार कांग्रेस को मात देकर सरकार बनाई थी. रमन सिंह की अगुवाई में बीजेपी को 2013 में कुल 49 विधानसभा सीटों पर जीत मिली थी. जबकि कांग्रेस सिर्फ 39 सीटें ही जीत पाई थी. जबकि 2 सीटें अन्य के नाम गई थीं.

2008 के मुकाबले बीजेपी को तीन सीटें कम मिली थीं, इसके बावजूद उन्होंने पूर्ण बहुमत से अपनी सरकार बनाई. रमन सिंह 2003 से राज्य के मुख्यमंत्री हैं.

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