दिल्ली के बाद अब छत्तीसगढ़ में बौद्ध धर्मांतरण के एक कार्यक्रम को लेकर बवाल मचा है. इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के राजानंदगांव से कांग्रेस मेयर हेमा देशमुख शामिल हुईं थीं. इस कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. कार्यक्रम में कथित तौर पर हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ शपथ ली जा रही है. वहीं, बीजेपी ने इसे लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है. बीजेपी ने कहा है कि कांग्रेस राज में हिंदू विरोध चरम पर है.
दरअसल, छत्तीसगढ़ के राजानंदगांव में आयोजित 'बौद्ध धर्मांतरण' कार्यक्रम में कांग्रेस मेयर हेमा देशमुख शामिल हुईं. वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कार्यक्रम के दौरान हिंदू देवी-देवताओं का न मानने की शपथ ली गई. वीडियो में लोग शपथ लेते दिख रहे हैं, मैं कभी भी गौरी, गणपति या किसी अन्य हिंदू देवी-देवताओं का अनुसरण नहीं करूंगा और कभी भी उनकी पूजा नहीं करूंगा. मुझे कभी विश्वास नहीं होगा कि वे भगवान के अवतार थे.
इस मामले को लेकर केंद्रीय राज्य मंत्री और छत्तीसगढ़ के सरगुजा से सांसद रेणुका सिंह ने कांग्रेस की भूपेश सरकार पर हमला बोला है. केंद्रीय मंत्री ने लिखा, "कांग्रेस राज में हिंदू विरोध चरम पर है. यहां हिंदू आस्था पर खुलेआम प्रहार किया जा रहा है और कांग्रेस की राजनांदगांव महापौर हिंदू धर्म के विरुद्ध शपथ ले रही हैं. कोई सनातन विरोधी कार्यक्रम हो और कांग्रेस से उसके तार ना जुड़े ऐसा हो सकता है क्या?"
कांग्रेस मेयर हेमा देशमुख ने दिया जवाब
कांग्रेस की राजनांदगांव की मेयर हेमा देशमुख ने अपने ऊपर लगे आरोपों पर कहा कि मुझे जानकारी नहीं थी कि वहां ऐसी कोई शपथ ली जाती है. कांग्रेस मेयर ने कहा, "यह राज्य स्तरीय बौद्ध सम्मेलन था. बाबा साहेब अंबेडकर के पौते भीमराव यशवंतराव अंबेडकर इस कार्यक्रम में आए हुए थे. छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम रमन सिंह इसमें मुख्य अतिथि थे. ये बौद्ध समाज का कार्यक्रम था और मुझे निमंत्रण मिला था इसलिए मैं वहां गई थी. हालांकि मुझे आयोजकों द्वारा ऐसी किसी शपथ के बारे में बताया नहीं गया था. जब स्टेज पर शपथ लेने के लिए कहा गया तो मुझे लगा कि संविधान की शपथ ली जाएगी, लेकिन जब उन्होंने कहा कि ब्रह्मा विष्णु महेश को नहीं मानेंगे. चूंकि मैं हिंदू हूं और भगवान को मानती हूं तो मैंने अपने हाथ ऊपर नहीं किए और ऐसी कोई शपथ नहीं ली.
'मैं उनकी विचारधारा से सहमत नहीं'
मेयर ने आगे कहा कि लोग पूछ रहे हैं कि महापौर वहां क्यों खड़ी थीं तो बता दूं कि मुझे ऐसी जानकारी नहीं थी कि वहां शपथ का कार्यक्रम होगा. मैं हिंदू हूं और भगवान को मानती हूं. मैं उनकी विचारधारा से सहमत नहीं हूं. आयोजकों का ये निर्णय गलत था उन्हें इसके बारे में पहले ही बता देना चाहिए. उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम खुली जगहों में न होकर बंद कमरों में होने चाहिए क्योंकि और भी धार्मिक लोगों की भावनाएं आहत होती हैं.