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'पुलिस शराब पकड़ने आए तो पिटाई करना,' छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री कंवर के विवादित बोल

छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही नेताओं के सुर भी बदलने लगे हैं. अब तक शराब का मुखर विरोध करने वाले बीजेपी नेता और पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर ने विवादित बयान दिया है. मंत्री ने बीजेपी कार्यकर्ताओं से खुले मंच से कहा कि अगर पुलिस वाले घर में शराब पकड़ने आएं तो उनकी पिटाई करना.

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पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर.
पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर.

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में पूर्व गृह मंत्री और बीजेपी विधायक ननकीराम कंवर ने पार्टी कार्यकर्ताओं और आदिवासियों से विवादित अपील की है. कंवर ने आदिवासियों से साफ कहा है कि घर में अगर पुलिस शराब पकड़ने आए तो उसकी पिटाई कीजिए. कंवर रामपुर विधानसभा सीट से विधायक हैं और वे अपने शराब विरोधी अभियान के लिए जाने जाते हैं, लेकिन चुनाव सामने आते ही उनके तेवर बदले नजर आ रहे हैं. कंवर के बयान के बाद सियासत का गरमाना तय माना जा रहा है. 

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मंत्री कंवर अब शराब का समर्थन करते दिखाई देने लगे हैं. पूर्व मंत्री ननकीराम बीते रोज आदिवासियों और बीजेपी कार्यकर्ताओं को भड़काते देखे गए. कंवर यहां कोरकोमा गांव में आयोजित पार्टी की आम सभा को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने गांव में पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि पुलिसकर्मी शराब पकड़ने के लिए आएं तो उनकी पिटाई करना. उन्होंने सभा के मंच पर बैठे नेता प्रतिपक्ष से भी कहा कि इस मुद्दे पर जोर से दहाड़िये. नेता प्रतिपक्ष ने भी प्रति उत्तर में 'जी' कहा. ननकी राम कंवर के इस कथन के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने ताली बजाकर समर्थन किया. 

कंवर ने कहा कि आदिवासियों को छूट है. बीजेपी कार्यकर्ताओं से कहना चाहता हूं कि अगर इस तरह से कोई पुलिस कर्मी घर में शराब पकड़ने आता है तो उसकी पिटाई करें. उन्होंने दो दिन पहले के घटनाक्रम का जिक्र किया.

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इस मौके पर छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल और रायगढ़ से भाजपा सांसद गोमती साय समेत भाजपा के कई कद्दावर नेता मौजूद थे. बता दें कि छत्तीसगढ़ में अगले साल 2023 में विधानसभा चुनाव होने हैं. इस समय राज्य में कांग्रेस की सरकार है और भूपेश बघेल मुख्यमंत्री हैं.

ननकीराम बीजेपी के सीनियर लीडर

ननकीराम कंवर को छत्तीसगढ़ में बीजेपी के सीनियर लीडर्स में गिना जाता है. वे सबसे पहले दो बार साल 1990 से 1993 तक मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री रहे हैं. बाद में छत्तीसगढ़ अलग राज्य होने के बाद साल 2003 से 2013 तक 10 साल छत्तीसगढ़ के कृषि और गृह मंत्री रहे हैं. 

 

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