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छत्तीसगढ़: ऑनलाइन सट्टेबाजी पर शिकंजा, बना नया कानून, 7 साल तक की सजा

छत्तीसगढ़ में ऑनलाइन सट्टेबाजी को रोकने के लिए कांग्रेस सरकार ने नया कानून बनाया है. इस कानून के तहत ऑनलाइन जुआ खेलने और इसे आयोजित करने वाले पर 7 साल तक की सजा और 10 लाख रुपये के जुर्माने का प्रावधान किया गया है.

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सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर

छत्तीसगढ़ में ऑनलाइन सट्टेबाजी में लोगों के ठगे जाने के बाद विधानसभा में जुआ प्रतिषेध विधेयक 2022 पारित किया गया है.  इस विधेयक के पारित होने के साथ ही छत्तीसगढ़ में ऑनलाइन सट्टा और सार्वजनिक स्थलों पर जुआ खेलना कानून के दायरे में आ गया है.

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कितनी होगी सजा

नए कानून के मुताबिक ऑनलाइन जुआ खेलने और इसे आयोजित करने वाले पर 7 साल तक की सजा और 10 लाख रुपये के जुर्माने का प्रावधान किया गया है.

सार्वजनिक स्थान पर जुआ खेलते पकड़े जाने पर 6 माह की कैद या 10 हजार रुपये जुर्माना भी लग सकता है. इस तरह के अपराध में पहली बार पकड़े जाने पर 1 से 3 साल तक की सजा भी हो सकती है. 

छत्तीसगढ़ में लगातार ऑनलाइन गेमिंग को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर था, चाहे वह महादेव ऐप का मामला हो या अन्य ऑनलाइन गेम का, सरकार इन मामलों में घिरती जा रही थी जिसके बाद कांग्रेस सरकार ने इसके खिलाफ कानून बनाने का फैसला किया था.

छत्तीसगढ़ पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग को लेकर पूरे प्रदेश में सैकड़ों केस दर्ज किए थे और हजारों लोगों को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन गेमिंग एक्ट नहीं होने के कारण सभी आरोपी या तो थाने से या फिर कोर्ट से छूट जाते थे. हालांकि अब  इस कानून के आने के बाद गेम खेलने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

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महादेव ऐप को लेकर उठे थे सवाल

विपक्ष लगातार सरकार पर आरोप लगा रहा था कि महादेव ऐप के जरिए कई सफेदपोश नेताओं और अधिकारियों के पैसों को विदेश भेजा जा रहा है. यह मामला सदन में भी उठा और इसको लेकर जमकर राजनीति भी हुई. 

राजनांदगांव सांसद संतोष पांडे ने इस पूरे मुद्दे को लोकसभा में भी उठाया था. कहा जा रहा था कि महादेव ऐप सरकार से जुड़े कुछ नुमाइंदों द्वारा संचालित किया जा रहा है और इस ऐप के माध्यम से करोड़ों अरबों का लेन देन किया गया है. 

इस मामले में पूर्व परिवहन मंत्री राजेश मूडत ने रायपुर ईडी दफ्तर में  ज्ञापन सौंपा और आरोप लगाया कि महादेव ऐप में करोड़ों अरबों रुपये का लेनदेन हुआ है. इस ऐप के माध्यम से विदेश पैसे शिफ्ट किए गए हैं. विपक्ष ने ईडी से मांग की है इस पूरे मामले में जांच की जाए. (श्रीप्रकाश तिवारी)

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