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छत्तीसगढ़: भूपेश बघेल बोले- जब आलाकमान कहेगा, तब CM पद छोड़ दूंगा

छत्तीसगढ़ में सत्ता को लेकर जारी विवाद के बीच मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, 'सोनिया-राहुल ने मुझ जैसे किसान को मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी है. जब तक उनका आदेश है तब तक मैं इस पद पर हूं, जब कहेंगे हट जाऊंगा.'

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (फाइल-पीटीआई)
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (फाइल-पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार में पावर शेयरिंग को लेकर विवाद जारी
  • जब तक आलाकमान का आदेश मुख्यमंत्री पद पर बने रहेंगेः बघेल
  • आलाकमान ने CM बघेल, मंत्री टीएस सिंह को दिल्ली तलब किया था

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार के ढाई साल पूरे होने के बाद से पावर शेयरिंग को लेकर विवाद जारी है. विवाद को खत्म करने को पार्टी हाईकमान सक्रिय हो गया और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तथा मंत्री टीएस सिंह देव को दिल्ली तलब किया गया. राहुल गांधी से मुलाकात कर रायपुर लौटे सीएम भूपेश बघेल ने कहा है कि जब आलाकमान कहेगा, सीएम पद छोड़ दूंगा.

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दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा 'जो ढाई साल का राग अलाप रहे हैं वह कभी इस पर सफल नहीं होंगे.' मुख्यमंत्री बघेल अब नई दिल्ली से रायपुर लौट आए हैं. रायपुर पहुंचने पर बुधवार को मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक आलाकमान का आदेश है, वो तब तक मुख्यमंत्री पद पर बने रहेंगे.

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, 'सोनिया-राहुल ने मुझ जैसे किसान को मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी है. जब तक उनका आदेश है तब तक मैं इस पद पर हूं, जब कहेंगे हट जाऊंगा. यह जो ढाई-ढाई साल का राग अलाप रहे हैं वो राजनीतिक अस्थिरता लाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन वह कभी सफल नहीं होंगे.'

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इससे पहले राज्य में सत्ता को लेकर जारी विवाद के बीच मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और मंत्री टीएस सिंह देव को दिल्ली तलब किया गया. 

साल 2018 में कांग्रेस 15 साल के इंतजार के बाद छत्तीसगढ़ की सत्ता में फिर से लौटी थी तो सरकार गठन के दौरान पेच फंसा था. कांग्रेस में उस वक्त सीएम पद के दावेदारों में भूपेश बघेल के अलावा टीएस सिंह देव और ताम्रध्वज साहू भी थे. ऐसे में राहुल गांधी ने तीनों नेताओं को दिल्ली में बुलाकर सत्ता के भागेदारी का फॉर्मूला तय कर दिया और बघेल को मुख्यमंत्री की कुर्सी मिली तो टीएस सिंह देव को स्वास्थ्य मंत्री का जिम्मा मिला.

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राज्य में कांग्रेस सरकार के 17 जून को ढाई साल पूरे होने के बाद से ही पावर-शेयरिंग के फॉर्मूले को लेकर भूपेश बघेल और टीएस सिंह देव के बीच विवाद जारी है. इसकी वजह यह मानी जा रही है कि कांग्रेस सरकार गठन के दौरान पहले ढाई साल भूपेश बघेल सीएम रहेंगे और उसके बाद टीएस सिंह देव सत्ता संभालेंगे, का फॉर्मूला तय किया गया था. हालांकि, कांग्रेस की ओर से आधिकारिक तौर पर इस तरह के फॉर्मूले पर कभी कुछ नहीं कहा गया.

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इस बीच झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी में बड़ा बदलाव किया गया है. राजेश ठाकुर को पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है जबकि गीता कोड़ा, बंधु तिर्की, जलेश्वर महतो और शाहजादा अनवर कार्यकारी अध्यक्ष बनाए गए हैं.


 

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