छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में मिस्त्री की हत्या कर उसके शव को दफनाने का मामला सामने आया है. ठेकेदार ने अपनी साइट पर काम कर रहे आदिवासी मिस्त्री को मौत के घाट उतारा. फिर बॉलीवुड फिल्म दृश्यम की दर्ज पर उसके शव को पानी की टंकी की नींव में 12 फीट नीचे दफना कर निर्माण कर दिया. मृतक की पहचान संदीप नाम के युवक के तौर पर हुई है. यह घटना जिले के सीतापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम उलकिया में हुई. इस मामले में पुलिस ने अबतक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जबकि मुख्य आरोपी समेत दो फरार हैं.
घटना का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि 7 जून को लापता राजमिस्त्री की संदीप हत्या कर दी गई थी. बता दें, 21 जुलाई की रात राजमिस्त्री की पत्नी ने सर्व आदिवासी समाज के साथ मिलकर थाने का घेराव भी किया था. इसके बाद सीतापुर पुलिस ने ठेकेदार अभिषेक पांडेय व उसके साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू की थी. अपराध दर्ज करने के डेढ़ महीने बाद पुलिस ने हत्या के तीन संदिग्ध आरोपियों को हिरासत में लिया था.
हत्या के बाद शव को दफनाया
सख्ती से पूछताछ के बाद उनकी निशानदेही पर पुलिस ने मैनपाट के लुरैना में राजमिस्त्री की लाश ढूंढने के लिए दो जेसीबी मशीन लगाकर खुदाई कराई थी. दोपहर करीब 1 बजे 12 फीट नीच से उसकी लाश बरामद हुई थी. मौके पर पुलिस के आला अधिकारी समेत 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात थे. मुख्य आरोपी ठेकेदार अभिषेक पांडेय और उसके साथियों ने शव को दफना कर पानी टंकी का निर्माण करा दिया था.
जानकारी के मुताबकि मृतक सीतापुर थाना क्षेत्र के ग्राम बेलजोरा निवासी दीपेश उर्फ संदीप लकड़ा राजमिस्त्री था. वह ग्राम उलकिया में सरकारी भवन के काम में लगा था. 7 जून 2024 को लापता हो गया था और 8 जून को ठेकेदार अभिषेक पांडेय नाम के शख्स ने थाने में दीपेश उर्फ संदीप व विकास नाम के युवक पर छड़ चोरी का आरोप लगाते हुए थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी. 16 जून को राजमिस्त्री संदीप की पत्नी ने ठेकेदार व उसके साथियों पर पति की हत्या का आरोप लगाते हुए स्थानीय थाने में दर्ज कराई थी.
पुलिस ने तीन आरोपियों को अरेस्ट किया
इस घटना के एक महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस किसी नतीजे तक नहीं पहुंच पाई थी. मृतक की पत्नी का आरोप है पुलिस ने उसकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया था. इसके बाद 21 जुलाई की रात राजमिस्त्री की पत्नी ने छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के पदाधिकारियों व ग्रामीणों के साथ मिलकर थाने का घेराव किया था. तब पुलिस ने ठेकेदार अभिषेक पांडेय के खिलाफ जांच शुरू की थी.
पुलिस ने कुछ नामजद आरोपियों को हिरासत में लिया और सख्ती से पूछताछ के दौरान वह टूट गए और उन्होंने अपना गुनाह कबूला. उनकी निशानदेही पर सीएसपी रोहित शाह के नेतृत्व में 100 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की टीम लाश बरामद करने में जुटी. करीब दोपहर करीब 1 बजे तक चली खुदाई के बाद राजमिस्त्री दीपेश उर्फ संदीप का शव बरामद हुआ. इस मामले में अब तक चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. मुख्य आरोपी अभिषेक पांडे और उसक साथी गौरी तिवारी अब भी फरार है. पुलिस ने उनके खिलाफ जानकारी देने वाले को इनाम देने की घोषणा की है.
फरार मुख्य आरोपी के खिलाफ 10 हजार का इनाम घोषित
इस मामले पर पुलिस अधीक्षक सरगुजा का कहना है कि मुख्य आरोपीय अभिषेक पांडे व गौरी तिवारी अभी फरार है हम उनकी तलाश कर रहे हैं. ठेकेदार ने मृतक संदीप लकड़ा के खिलाफ स्थानीय थाने में चोरी शिकायत दर्ज कराई थी. पुलिस ने उसके पास से चोरी का सामान भी जब्त किया था. इसके अलावा मृतक संदीप लकड़ा के परिजनों की शिकायत पर ठेकेदार व उसके सहयोगी पर अपहरण का मामला भी दर्ज किया था. पूरे घटनाक्रम पर पुलिस को गुमराह करने के लिए आरोपियों ने मृतक संदीप लकड़ा के मोबाइल की लोकेशन कई बार बदली. गिरफ्त में आए आरोपियों से जब सख्ती से पूछताछ की गई तो उनकी निशानदेही पर शव को बरामद किया गया. जल्द ही फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा.