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छत्तीसगढ़: हाथी ने ली महिला की जान, पांच मवेशियों को भी कुचला, 5 सालों में मारे जा चुके हैं 300 लोग

छत्तीसगढ़ के कोरबा में एक हाथी ने पहले महिला की जान ले ली और उसके बाद पांच जानवरों को भी कुचल कर मार डाला. कोरबा और आसपास के जिलों में हाथियों का भारी आतंक है और बीते 5 सालों में हाथियों के हमले में 300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. जिला प्रशासन मृतक महिला के परिजनों को 6 लाख का मुआवजा देगी.

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सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर

छत्तीसगढ़ में एक हाथी ने महिला की जान ले ली. अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार को कोरबा जिले के कुछ गांवों में एक जंगली हाथी घुस आया और 55 साल की एक महिला और पांच मवेशियों को कुचलकर मार डाला.

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न्यूज एजेंसी के मुताबिक वन अधिकारी ने बताया कि हाथी को सुबह साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) की कुसमुंडा कोयला खदान के पास भिलाई बाजार, रलिया और खोदरी गांवों में घूमते देखा गया था.

उन्होंने बताया कि रलिया में गायत्री राठौड़ पर उस समय हमला किया गया, जब वह सुबह की सैर के लिए अपने घर से बाहर निकली थीं. हाथी के हमले से वो गंभीर रूप से घायल हो गईं. अधिकारी ने बताया कि महिला के परिवार के सदस्यों ने तुरंत उसे कोरबा के एक अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.

महिला के परिजनों को 6 लाख का मुआवजा

उन्होंने बताया कि उसी हाथी ने खोदरी गांव में पांच गायों और बछड़ों को कुचलकर मार डाला. अधिकारी ने बताया कि अलर्ट मिलने के बाद वन विभाग की एक टीम मौके पर पहुंची और अपने झुंड से अलग हुए हाथी की गतिविधियों पर नजर रख रही थी.

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अधिकारी ने बताया कि मृतक महिला के परिजनों को 25,000 रुपये की तत्काल राहत राशि प्रदान की गई है, जबकि शेष 5.75 लाख रुपये का मुआवजा आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद दिया जाएगा.

पांच साल में 300 लोगों की मौत

छत्तीसगढ़ के उत्तरी हिस्से में मानव-हाथी संघर्ष, पिछले एक दशक से चिंता का एक प्रमुख कारण रहा है. सरगुजा, रायगढ़, कोरबा, सूरजपुर, महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद, बालोद, बलरामपुर और कांकेर शामिल ऐसे जिले हैं जहां आए दिन हाथी इंसानों पर हमला कर देते हैं. वन विभाग के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में राज्य में हाथियों के हमलों में 300 से अधिक लोग मारे गए हैं.

 

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