छत्तीसगढ़ में आयकर विभाग ने जनधन योजना के खातेधारकों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. प्रदेशभर के 1325 संदिग्ध खातेधारकों को नोटिस जारी कर जमा किये गए रकम का हिसाब मांगा है. नोटबंदी लागू होने के बाद उनके खाते में अचानक लाखों रूपये जमा कराए जाने की सूचना मिली थी.
इसे देखते हुए इनकम टैक्स अधिकारियों ने बैंकों के मैनेजरों को पत्र लिखकर इन खातों का ब्यौरा मांगा था. ब्लैकमनी पकडे जाने और फंसने के डर से जनधन खातों में बड़ी रकम का हस्तांतरण किया गया है. शून्य बैलेंस पर खोले गए इन खातों में फर्जी तरीके से रकम जमा कराई गई. बैंक में बड़े कारोबारी, उघोगपति, ब्यूरोक्रेट और किसी राजनीतिज्ञ के दिखाई नहीं देने से आयकर विभाग के अधिकारी भी हैरान थे.
1300 से अधिक खाते जांच के दायरे में
आयकर विभाग के अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि 1300 से अधिक खातों को जांच के दायरे में लिया गया है. इसमें से अधिकांश माओवादी इलाके के खाते है. इन खातों में जमा हुई रकम के स्रोत की जानकारी जुटाई जा रही है, हिसाब नहीं देने पर इसे जब्त कर लिया जाएगा. गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी के बाद जनधन खातों में कालाधन जमा कराने वालों को जेल भेजने की चेतावनी दी है.
नोटबंदी लागू होने के बाद बैंकों में रोजाना 1000 और 500 रुपए के पुराने नोट जमा कराने वालों की लाइन अब तक लग रही है. इसमें अधिकांश माध्यम और निम्न वर्ग के लोग देखने को मिल रहे थे. उनके द्वारा लगातार रकम जमा करवाया जा रहा था. संदेह के चलते छानबीन में कमीशन पर रकम जमा करवाने के खेल का सुराग मिला था. इसमें बैंक मैनेजरों की भूमिका भी संदिग्ध मिली थी.