छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के कांकेर जिले में सुरक्षाकर्मियों के साथ मुठभेड़ में तीन नक्सली मारे गए हैं. एजेंसी के मुताबिक यह जानकारी एक सीनियर अधिकारी के जरिए मिली है. कांकेर के पुलिस अधीक्षक इंदिरा कल्याण एलेसेला ने कहा कि यह मुठभेड़ कोयलीबेड़ा इलाके के एक जंगल में उस वक्त हुई, जब जिला रिजर्व गार्ड और बॉर्डर सेक्योरिटी फोर्स की एक संयुक्त टीम नक्सल विरोधी अभियान पर थी.
अधिकारी ने बताया कि मुठभेड़ स्थल से अब तक तीन नक्सलियों के शव और दो हथियार बरामद किए गए हैं. इसके अलावा BSF के द्वारा चलाया जा रहा ऑपरेशन अभी भी जारी है.
सूबे के 14 जिलों में नक्सलियों का प्रभाव
छत्तीसगढ़ दूसरा सबसे नक्सली प्रभावित राज्य है. गृह मंत्रालय के मुताबिक छत्तीसगढ़ के 14 जिले- बलरामपुर, बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, धमतरी, गरियाबंद, कांकेर, कोंडागांव, महासमुंद, नारायणपुर, राजनंदगांव, सुकमा, कबीरधाम और मुंगेली नक्सल प्रभावित हैं. आंकड़ों के मुताबिक छत्तीसगढ़ में नक्सली हमलों में पिछले काफी दिनों से कमी नहीं आ रही है. देखा जाए तो सूबे में हर साल औसतन साढ़े तीन सौ से ज्यादा नक्सली हमले होते हैं. इनमें हर साल औसतन 45 जवान शहीद हो जाते हैं.
एक साल में 300 से ज्यादा नक्सली हमले
पिछले साल मार्च में लोकसभा में एक सवाल के जवाब में गृह मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ में नक्सली हमलों के आंकड़े पेश किए थे. इसके मुताबिक, 2022 में राज्य के अंदर 305 नक्सली हमले हुए थे.
इससे पहले सरकार ने संसद में बताया था कि पिछले साल फरवरी 2023 तक (सिर्फ दो महीने में) छत्तीसगढ़ में नक्सली हमलों में 7 जवान शहीद हो चुके थे.
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आंकड़ों के मुताबिक, 2013 से 2022 के बीच 10 साल में छत्तीसगढ़ में 3 हजार 447 नक्सली हमले हुए. इन हमलों में 418 जवान शहीद हुए, जबकि सुरक्षाबलों ने 663 नक्सलियों को मार गिराया.