कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने कर्नाटक में येदियुरप्पा सरकार के शपथ ग्रहण और सत्ता में काबिज होने पर कड़ा ऐतराज जताया है. उन्होंने कहा कि पूर्ण बहुमत वाली सरकार न होने के बावजूद येदियुरप्पा को शपथ दिलाई गयी. इसके लिए उन्होंने बीजेपी और आरएसएस को निशाने पर लिया.
रायपुर में आयोजित पंचायती राज सम्मेलन में राहुल गांधी ने बीजेपी और आरएसएस पर हमला बोलते हुए कहा कि दोनों ने संवैधानिक संस्थाओं की धज्जियां उड़ा दी हैं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आज संविधान को मजाक बना दिया गया है. बगैर बहुमत के कर्नाटक में बीजेपी ने अपनी सरकार बना ली है. उनके मुताबिक बीजेपी कर्नाटक में अपनी जीत की खोखली ख़ुशी मना रही है.
राहुल गांधी ने आरएसएस और बीजेपी पर पूरे समय तीखा हमला जारी रखा. उन्होंने कहा कि ये दोनों संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने में जुटे हैं. देश में पहली बार चार जज भयभीत होकर जनता के सामने आए थे.
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि भारत गरीब देश नहीं है बल्कि गरीबों का देश है. यहां लोगों को गरीब बनाया जा रहा है. देश का धन कुछ चुनिंदा उद्योगपतियों को बांटा जा रहा है.
छत्तीसगढ़ के दो दिन के दौरे पर रायपुर पहुंचे राहुल गांधी ने मंच पर दस्तक देते ही बीजेपी और आरएसएस. की बखिया उधेड़ना शुरू कर दी. उन्होंने मोदी सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि चार साल में उसने तमाम संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने में दिलचस्पी दिखाई है. मनरेगा हो या फिर भूमि सुधार बिल उसने दोनों ही योजनाओं में जनता के अधिकारों को नौकरशाहों को सौंप दिया है. यही नहीं, देश की शीर्ष अदालत के जज तक इस सरकार से भयभीत हैं. मीडिया कर्मियों को भी धमकाने में मोदी सरकार ने कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी है. उनके मुताबिक देश में वही हो रहा है जो मोदी चाहते हैं, न कि संविधान में दर्ज नियम कानून.
राहुल गांधी ने पंचायतीराज की तारीफ करते हुए कहा की यह कांग्रेस की देन है और इसे मजबूत बनाने में उनकी पार्टी ने हर सम्भव कोशिश की है. लेकिन सत्ता में आने के बाद बीजेपी ने पंचायतीराज संस्थाओं को कमजोर करना शुरू कर दिया. उन्होंने कहा की इस समय देश में दो ही विचारधारा आमने सामने हैं. एक कांग्रेस की विचारधारा है जो संविधान की रक्षा कर रही है, जबकि दूसरी बीजेपी और आरएसएस. की विचारधारा है, जिसने इस देश को ही कमजोर करने में अपनी ताकत झोंक दी. उन्होंने कहा कि मोदी कहते कुछ हैं और करते कुछ हैं.
आदिवासियों संग नृत्य
इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी राज्य के सीतापुर में आदिवासियों के बीच जमकर थिरके. उन्होंने सरगुजा के आदिवासियों के साथ मांढर की थाप पर शैला नृत्य किया. उन्होंने खुद मांढर बजाया और उसकी थाप पर नृत्य भी किया.
सरगुजा के आदिवासियों की परंपरागत नृत्य शैली का नाम शैला है. आमतौर पर यह नृत्य स्वागत सत्कार, अतिथियों के आगमन, तीज त्योहार और खुशी के मौके पर किया जाता है. पारंपरिक वेशभूषा में सजे-धजे आदिवासियों को देखकर गांधी खुद को नहीं रोक सके. वो कर्नाटक का गम और बीजेपी का दंश भूलकर मस्ती में झूम उठे. यहां उन्होंने आदिवासियों और ग्रामीणों से बातचीत कर हाल चाल जाना.