छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक घर में अचानक 51 भेड़ों की मौत से इलाके में सनसनी फैल गई. घटना धमधा ब्लॉक के ठेंगाभाठ गांव की है जहां एक घर में एक साथ 51 भेड़ों की जान चली गई.
इतनी बड़ी संख्या में भेड़ों की मौत के बाद दुर्ग से पशु चिकित्सकों की टीम जांच के लिए पहुंची, भेड़ों का पोस्टमार्टम करके उन्हें दफना दिया गया है. डॉक्टरों से जब मौत का कारण पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अभी कुछ भी नहीं बताया जा सकता.
विशेषज्ञों का कहना है कि सैंपल रायपुर भेजा गया है. रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा लेकिन संदिग्ध स्थिति में 51 भेड़ों की मौत से लोग दहशत में है. जानकारी के मुताबिक ठेगाभाठ गांव के रहने वाले रतन धनकर ने अपने घर में 130 भेंड़ें पाल रखी थीं.
सभी भेड़ को घर के बगल में बने खपरैल झोपड़ी में बांध कर रखा गया था. सुबह घरवालों ने देखा कि इसमें से 51 भेड़ मरी हुई पड़ी है. इसके बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया. 5-6 भेड़ों के गले और शरीर पर चोट के निशान हैं, जबकि अन्य भेड़ों को कोई चोट नहीं लगी थी. इसके बाद भी वो मरी हुई पड़ी थीं.
गांव वालों ने इसकी शिकायत धमधा थाने में की जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची. इसके बाद दुर्ग से पशु चिकित्सकों की टीम बुलाई गई. उनके द्वारा सभी भेड़ों का सैंपल लिया गया और कुछ जानवरों का पोस्टमार्टम भी किया गया.
गांव के निवासी मदन साटकर का कहना है कि जैसे ही उन्हें पता चला कि रतन धनकर के घर भेंड़ों की मौत हो गई है वो वहां पहुंचे. वहां का नाजारा काफी चौंकाने वाला था. गांव के बाहर जेसीबी की मदद से बड़ा सा गड्ढा खोद कर भेड़ों को नियमानुसार दफना दिया गया.
अन्य गांव वालों से बात की गई कि तो उन्होंने बताया कि गांव में लकड़बग्घा भी देखा गया था. लोगों ने आशंका जताई कि उसके काटने से भी भेड़ों की मौत हो सकती है. हालांकि कुछ लोग इसे नकार भी रहे हैं और कह रहे हैं कि अगर जंगली जानवरों ने हमला किया होता तो कुछ भेड़ों पर ही चोट के निशान क्यों हैं.