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छत्तीसगढ़ की सड़कों को अमेरिका जैसा बेहतर बनाने का टारगेट, 20 हजार करोड़ का होगा निवेश

नितिन गडकरी ने ऐलान किया कि छत्तीसगढ़ का रोड नेटवर्क अगले 2 साल के भीतर अमेरिका के सड़क नेटवर्क की क्वालिटी तक पहुंच जाएगा. इस योजना में राष्ट्रीय राजमार्गों को फोर लेन का बनाने और रायपुर में महत्वपूर्ण फ्लाईओवर और सिंगल-लेन सड़कों के निर्माण समेत विभिन्न परियोजनाओं में 20,000 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है.

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नितिन गडकरी (फाइल फोटो- पीटीआई)
नितिन गडकरी (फाइल फोटो- पीटीआई)

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सड़क दुर्घटनाओं और उसके कारण होने वाली मौतों की बढ़ती संख्या की ओर ध्यान आकर्षित किया. साथ ही देश में सड़कों के निर्माण में सेफ्टी को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया है. रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में इंडियन रोड कांग्रेस के 83वें वार्षिक सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अगर भविष्य में सड़क इंजीनियरिंग की गलती के कारण किसी की मौत होती है, तो वह इसके लिए खुद को दोषी मानेंगे. 

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नितिन गडकरी ने ऐलान किया कि छत्तीसगढ़ का रोड नेटवर्क अगले 2 साल के भीतर अमेरिका के जैसा हो जाएगा. इस योजना में राष्ट्रीय राजमार्गों को फोर लेन का बनाने और रायपुर में महत्वपूर्ण फ्लाईओवर और सिंगल-लेन सड़कों के निर्माण समेत विभिन्न परियोजनाओं में 20,000 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है. 

रोड एक्सीडेंट्स को रोकने के लिए केंद्र के प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए नितिन गडकरी ने सरकारी इंजीनियरों से अपनी नौकरी छोड़कर एक अच्छी डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) बनाने वाली कंपनी शुरू करने का आग्रह किया और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर काम देने का आश्वासन दिया. 

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने कृषि प्रधान छत्तीसगढ़ में पराली से बिटुमेन और सीएनजी के उत्पादन पर जोर देते हुए तर्क दिया कि इस कदम से जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम होगी और प्रदूषण पर लगाम लगेगी. उन्होंने छत्तीसगढ़ के लिए कई सड़क परियोजनाओं की घोषणा की और कहा कि उनका मानना ​​है कि अगले 2 साल में छत्तीसगढ़ की सड़कें अमेरिका जैसी होंगी. 

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उन्होंने कहा कि हर साल सड़क दुर्घटनाओं के कारण 1.50 लाख मौतें होती हैं, जो अब बढ़कर 1.68 लाख हो गई हैं. सड़क इंजीनियरिंग और ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में कमियों को सुधारने के प्रयास जारी हैं, लेकिन दोषपूर्ण डीपीआर ने बड़ी समस्या पैदा कर दी है. उन्होंने सरकारी इंजीनियरों को सलाह दी कि वे अपनी नौकरी छोड़ दें और एक अच्छी डीपीआर बनाने वाली कंपनी शुरू करें. उन्होंने कहा कि हम सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए गंभीर प्रयास कर रहे हैं. सड़क दुर्घटनाओं के लगभग 60 प्रतिशत पीड़ित 18 से 34 वर्ष की आयु के हैं. मैं आपसे आग्रह करना चाहूंगा कि ऐसी सड़कें बनाएं जहां कोई दुर्घटना (दोषपूर्ण इंजीनियरिंग कार्यों के कारण) न हो. 

20 हजार करोड़ रुपए का इस्तेमाल धमतरी से जगदलपुर, रायपुर से बलौदाबाजार-सरगढ़ और बिलासपुर से ओडिशा बॉर्डर तक मेजर रूट्स पर नेशनल हाईवेज को बढ़ाने के लिए किया जाएगा. इसके साथ ही इस प्रोजेक्ट में रायपुर में महत्वपूर्ण जंक्शनों पर फ्लाईओवर और महत्वपूर्ण सड़क सुधार शामिल हैं, जिन्हें केंद्रीय सड़क निधि से 900 करोड़ रुपये का सपोर्ट मिलेगा. 

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