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बीजापुर: नक्सली कमांडर हिडमा कर रहा था 250 नक्सलियों को लीड, 5 घंटे चलती रही मुठभेड़

शनिवार की दोपहर सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच भयंकर मुठभेड़ हुई है. जिसमें पांच से अधिक जवान शहीद हो गए. खबर ये भी है कि इस दौरान 9 से अधिक नक्सली ढेर कर दिए गए हैं. ये मुठभेड़ इतनी बड़ी थी कि सुरक्षाबलों के 21 जवान अब भी लापता हैं.

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बीजापुर के अस्पताल में भर्ती घायल जवान (फोटो-PTI)
बीजापुर के अस्पताल में भर्ती घायल जवान (फोटो-PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • लापता सैनिकों को खोजने के लिए जारी है सर्च ऑपरेशन
  • कई सुरक्षाबलों ने मिलकर चलाया था जॉइंट ऑपरेशन
  • घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने कर दिया हमला

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच भयंकर मुठभेड़ हुई है. जिसमें पांच से अधिक जवान शहीद हुए हैं. खबर ये भी है कि 9 से अधिक नक्सली भी इस मुठभेड़ में ढेर कर दिए गए. मुठभेड़ इतनी बड़ी थी कि सुरक्षाबलों के 21 जवान अब भी लापता हैं. जवानों की तलाश में आज फिर से सर्च अभियान शुरू किया गया है. शनिवार को हुई इस मुठभेड़ में क्या हुआ, इसका क्या कारण था इसे बिन्दुवार समझते हैं:

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-2 अप्रैल के दिन CoBRA, CRPF, STF और DRG ने एक जॉइंट ऑपरेशन शुरू किया.

-तर्रेम, उसूर, पामेड और मिनपा (सुकमा), नरसापुरम (सुकमा) से, सुरक्षाबल इस ऑपरेशन में शामिल हुए.

-सुरक्षाबलों को माओवादियों के इकठ्ठा होने की खुफिया जानकारी मिली इसी आधार पर संयुक्त ऑपरेशन लॉन्च कर दिया गया.

-3 अप्रैल की दोपहर को सुकमा-बीजापुर बॉर्डर पर जोनागुडा गांव (Jonnaguda) के पास माओवादियों ने घात लगाकर हमला कर दिया.

_जहां पर मुठभेड़ हुई वो जगह सुरक्षाबलों के तर्रेम (Tarrem base) बेस कैंप से महज 15 किमी दूर है.

-घात लगाकर किया गया हमला उसी तरह का हमला था जैसा कि ताड़मेतला (Tadmetla) में साल 2010 में हुआ था और मिनपा(Minapa) में साल 2020 में हुआ था.

-इस ऑपरेशन से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि ये एक सोचा-समझा निर्णय था, हम माओवादियों के मजबूत गढ़ पर थे. हम पूरी तैयारियों के साथ गए थे. ये एक प्रचंड जंग थी जो हमारी फोर्सेज के द्वारा बड़ी ही बहादुरी के साथ लड़ी गई.

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-माओवादियों की पीएलजीए बटालियन नंबर 1 का नेतृत्व खूंखार कमांडर हिडमा कर रहा था, यही बटालियन विद्रोहियों का नेतृत्व कर रही थी. इसमें शामिल माओवादियों की कुल संख्या करीब 180 है. इसे पामेड एरिया कमिटी की माओवादी पलटन, कोंटा एरिया कमिटी, जगरगुंडा और बासागुड़ा एरिया कमिटी का भी साथ मिला. वे इस घात हमले में शामिल थीं. कुल मिलाकर माओवादियों की मोटा-माटी संख्या 250 करीब थी.

-सुरक्षाबल दो किमी लंबे घात क्षेत्र में फंसे हुए और बिखरे हुए थे. ये मुठभेड़ करीब 5 से 6 घंटे चलती रही यानी शनिवार शाम चार बजे तक सुरक्षा बलों और नक्सलियों में भयंकर टकराव चला.

-सुरक्षाबलों का दावा है कि इस मुठभेड़ में करीब 9 नक्सली मारे गए और कम से कम 12 नक्सली घायल हुए.

-एक वर्दी पहनी महिला नक्सल का शव भी प्राप्त हुआ है. ग्राउंड से मिले इनपुट के हिसाब से माओवादियों को भारी नुकसान हुआ है.

आपको बता दें कि सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई इस मुठभेड़ में घायल 24 जवानों को बीजापुर अस्पताल ले जाया गया है. वहीं 7 जवानों को इलाज के छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भेजा गया है. सुरक्षाबलों ने कोबरा कमांडो के एक जवान का शव बरामद कर उसे एयरलिफ्ट से जगदलपुर भेज दिया है. 

 

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