कैशलेस सोसाइटी की ओर बड़ा कदम उठाते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने शहरी इलाकों में सभी दुकानदारों के लिए स्वाइप मशीन का प्रयोग अनिवार्य कर दिया है. इसके लिए नगरपालिका और नगरनिगमों में रजिस्टर दुकानों को लाइसेंस दिए जाएंगे. सरकार ने कहा है कि अगर ग्राहक एक रुपये का भी सामान खरीदता है तो उसे कार्ड स्वाइप की सुविधा मिलनी चाहिए. हालांकि सरकार ने फुटपाथ पर काम करने वाले और साग-सब्जियों वालों के लिए यह नियम अनिवार्य नहीं किया है वह अपनी सुविधा अनुसार मशीन को लगा सकते है.
सरकार के इस फैसले के बाद से ही बाजारों में हड़कंप मचा हुआ है, सभी दुकानदार स्वाइप मशीन लगाने के लिए भागादौड़ी कर रहे है. चैम्बर्स ऑफ कामर्स समेत तमाम व्यापारिक संगठनों ने कलेक्टरों के साथ मिल कर सभी दुकानदारों को इस बारे में जानकारी देनी शुरू कर दी है.
सरकार ने इस अभियान को कामयाब बनाने के लिए गुमास्ता फीस भी माफ कर दी मतलब दुकानदारों को कैसलैस ट्रांजेक्शन के लिए जो चार्ज देना होता था वह अब नहीं देना होगा. जो भी दुकानदार स्वाइप मशीन का उपयोग नहीं करेगा उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा.
चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अभी हमारे पास अधिक मात्रा में स्वाइप मशीन नहीं है इसलिए इसे लागू करने में हमें 10 से 15 दिन लगेंगे. वहीं दुकानदारों का खाता जिस बैंक में होगा वहीं बैंक मशीन उपलब्ध कराएगा, इसके लिए दुकानदारों को नए खाते खुलने की छूट दी गई है जिससे वह अपनी मर्जी की स्वाइप मशीन ले सकें.
इसके अलावा सरकार की ओर से सभी सरकारी विभागों में स्वाइप मशीन लगाने के भी आदेश है. गौरतलब है कि नोटबंदी के फैसले के बाद से ही देशभर में कैशलैस ट्रांजक्शन को लेकर जागरुकता बढ़ी है.