उम्र कैद की सजा मिलने के बाद कांग्रेस के नेता रहे सज्जन कुमार पहली बार 1984 सिख दंगे से जुड़े दूसरे मामले में पेश हुए. इस दौरान मीडिया की निगाह उन्हीं पर थी कि कोर्ट में वो क्या बोलेंगे, लेकिन उन्होंने मीडियाकर्मियों से कोई बात नही की. सभी सवालों पर मौन ही रहे. हाई कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली कैंट के 1984 सिख दंगा मामले में सज्जन कुमार को उम्रकैद की सज़ा सुनाई थी. गुरूवार को इसी दंगे के सुल्तानपुरी से जुड़े मामले में दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई के दौरान आरोपी सज्जन कुमार पेश हुए. सुनवाई शुरू होते ही कोर्ट इस बात से सज्जन कुमार से नाराज़ हो गया कि जब उन्हें मालूम था कि आज सुनवाई है तो उनके वरिष्ठ वकील जिरह करने के लिए क्यों कोर्ट में नहीं आए.
22 जनवरी को होगी अगली सुनवाई
पटियाला हाउस कोर्ट के स्पेशल जज ने आरोपी सज्जन कुमार को फटकार लगाते हुए पूछा कि जब आज मामले में सुनवाई थी तो उनके वरिष्ठ वकील जिरह करने के लिए क्यों नहीं आए. आरोपी सज्जन कुमार ने कोर्ट से कहा कि उनके वरिष्ठ वकील की आज तबियत ठीक नहीं है. इसके लिए वो पेश नहीं हो पाए है लिहाजा मामले में कोर्ट दूसरी तारीख दे दे. मामले में गवाह चाम कौर और उनके रिश्तेदार ने आरोपी सज्जन कुमार पर आरोप लगाया की केवल मामले में सुनवाई में देरी करने के लिए सज्जन कुमार के वकील आज कोर्ट नहीं आए. अब मामले की अगली सुनवाई 22 जनवरी को होगी.
कोर्ट के बाहर पीड़ितों ने की नारेबाजी
जब मामले की सुनवाई पूरी हुई तो इस मामले में सिख दंगा पीड़ित पटियाला हाउस कोर्ट के बाहर इकट्ठा हो गए और उन्होंने सज्जन कुमार को फांसी दो के नारे लगाने शुरू कर दिए. सिख पीड़ितों ने इसके अलावा कमलनाथ को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा देने की भी मांग की. कोर्ट में सुनवाई के दौरान भी आज जब सिख पीड़ित बड़ी संख्या में इकट्ठा हो गए तो जज ने ऐतराज जताया और कहा कि जिन लोगों की गवाही होनी है या सीधे कैसे जुड़े हैं वही लोग कोर्ट में मौजूद रहे. बाकी लोग बाहर चले जाए.
चश्मदीद चाम कौर ने दी गवाही
1984 सिख दंगा के दौरान सुल्तानपुरी में कई लोगो की हत्या हुई थी. मामले की जांच सीबीआई कर रही है. अगली सुनवाई के दौरान सज्जन कुमार को वकील के साथ दोबारा पटियाला हाउस कोर्ट में पेश होना होगा. बहरहाल, पिछली सुनवाई में मामले में अहम गवाह चाम कौर ने कोर्ट में सज्जन कुमार की पहचान करते हुए गवाही दी थी कि सज्जन कुमार ने ही दंगा भड़काया था और उसके परिवार के सदस्यों की हत्या कराई थी.