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दिल्ली में कल से बंद हो जाएंगी शराब की 260 प्राइवेट दुकानें, जानिए क्या है वजह

नई आबकारी नीति (New Excise Policy) लागू होने के कारण राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (Delhi) में एक अक्टूबर से 260 प्राइवेट शराब की दुकानें बंद हो जाएंगी.  यह तकरीबन 40 फीसदी है.

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सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर
स्टोरी हाइलाइट्स
  • दिल्ली में कल से बंद होंगी 260 शराब की दुकानें
  • नई आबकारी नीति के चलते होगा असर

नई आबकारी नीति (New Excise Policy) लागू होने के कारण राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (Delhi) में एक अक्टूबर से 260 प्राइवेट शराब की दुकानें बंद हो जाएंगी.  यह तकरीबन 40 फीसदी है. नई आबकारी नीति के तहत 46 दिनों तक बंद रहने के बाद दिल्ली में 17 नवंबर से फिर से नई प्राइवेट शराब की दुकानें खुलेंगी.

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दिल्ली सरकार ने नई आबकारी नीति के तहत दिल्ली को 32 जोन में बांटकर शराब की दुकान खोलने का फैसला किया है. इसके तहत लाइसेंस आवंटित किया गया है, नई आबकारी नीति के तहत दिल्ली में 850 शराब की दुकानें खुलेंगी. दिल्ली में इस समय शराब की 720 सक्रिय दुकानें हैं. इसमें 40 फीसदी भागीदारी प्राइवेट शराब की दुकानों की है, जिनकी संख्या 260 है. बाकी 60 फीसदी सरकारी शराब की दुकानें हैं जिनमें 88 देशी शराब की दुकानें हैं और 372 दुकानें अंग्रेजी शराब की दुकानें हैं.

कल से प्राइवेट शराब की दुकानें बंद होने के बाद दिल्ली के 272 वार्डों में से 106 वार्डों में शराब की एक भी दुकान नहीं होगी. अभी 80 में नहीं है, 1 अक्टूबर से 26 और वार्ड इसमें जुड़ जाएंगे. दिल्ली सरकार के मुताबिक 1 अक्टूबर से पुरानी से नई आबकारी नीति में ट्रांसिशन की अवधि होगी. इस दौरान पुरानी नीति के तहत आवंटित निजी शराब की दुकानें बंद होंगी. लेकिन शराब की कोई कमी नहीं हो, इसलिए नई दुकानें खुलने तक सरकारी दुकानें चलती रहेंगी.

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दिल्ली सरकार के अनुसार, नई आबकारी नीति से दिल्ली को नवंबर 2021 से हर साल करीब 3500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा. फिलहाल दिल्ली सरकार को शराब से करीब 6500 करोड़ रुपये का राजस्व मिलता है. वहीं, लोगों को परेशानी का भी सामना करना पड़ रहा है. कई लोगों को शराब लेने के लिए गुरुग्राम तक जाना पड़ रहा.

 

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