आम आदमी पार्टी ने नोटबंदी को लेकर एक बार फिर बीजेपी पर निशाना साधा है। 'आप' ने बीजेपी नेताओं के पिछले 6 महीने के बैंक खातों में लेनदेन और बीजेपी को मिलने वाले फंड की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है.
मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आम आदमी पार्टी के नेता आशुतोष ने आरोप लगाया कि नोटबंदी के फैसले में पीएम मोदी फंस गए हैं और इस माहौल से निकलने के लिए वो रोज नई नौटंकी कर रहे हैं. खबर है कि 8 नवंबर से 30 दिसंबर तक बीजेपी नेताओं के खाते में लेनदेन की जानकारी अमित शाह ने मांगी है. सवाल ये है कि अमित शाह कौन होते हैं कि उन्हें जानकारी दी जाए. अगर बीजेपी को जानकारी देना ही है तो इनकम टैक्स या जनता के बीच रखें. आगे आशुतोष ने कहा कि आम आदमी पार्टी खुलेआम कहती है कि सभी पार्टियां आरटीआई के अंदर आना चाहिए.
दिलीप पांडेय ने नोटबंदी के बाद बैंक के इंतजामों पर सवाल उठाते हुए कहा कि आरबीआई के ऑर्डर के बावजूद लोगों को 4 हजार रुपये दिए जा रहे हैं. कही भी एटीएम में पैसा नहीं है. सरकार ये क्यों नहीं बता रही कि 1 तारीख को जब सैलरी अकाउंट में आएगी तो कैश होगा या नहीं? सैलरी के अकाउंट में सैलरी आ जाएगी तो सैलरी अकाउंट रखने वालों का खर्चा कैसे चलेगा. आगे दिलीप पाण्डेय ने बताया कि 24 हजार रुपये से अधिक आप तभी निकाल सकते हैं जब आपने नए नोट या लीगल टेंडर बैंक में जमा किए हैं. लेकिन रोजाना तुगलगी फरमान लाए जा रहे हैं और छूट देने का भ्रम फैलाया जा रहा है.
आम आदमी पार्टी ने मोदी सरकार नए नियमों का भी जमकर विरोध किया. प्रवक्ता राघव चड्ढा ने कहा कि काले धन को सफेद करने की शुरुआत करने वाली बीजेपी 50% की स्कीम लेकर आई है, क्योंकि मोदी जी को कालाधन रखने वाले लोगों की तकलीफ देखी नहीं जा रही है. ऐसा लगता है कि सरकार खुद दलाल बन गई है. दलाली खाकर 50% सफेद किया जा रहा है. इसके अलावा फिक्स डिपॉजिट इंटरेस्ट रेट में भारी कटौती बैंक ने की है लेकिन लोन के इंटरेस्ट में बढ़ौती हो रही है जिससे आम आदमी की कमर टूट रही है.