चंदे की गड़बड़ी पर सवालों से घिरी आम आदमी पार्टी के समर्थन में कुमार विश्वास सामने आए हैं. रामलीला मैदान से रविवार को पार्टी के भीतर से उठ रही विरोधी आवाज़ों का विश्वास ने खुलकर जवाब दिया था. लेकिन जब इनकम टैक्स के नोटिस से हंगामा मचा तो कुमार ने एक SIT बनाकर जांच की मांग की है.
कुमार विश्वास ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि 'आम आदमी पार्टी' के चंदे पर सवाल उठाना उन लाखों क्रांतिकारियों पर सवाल उठाना है, जिन्होंने अपने ख़ून-पसीने की कमाई से भाजपा-कांग्रेस के राजनीतिक कुचक्र को तोड़ा है. एक SIT बनाकर हमारी हर तरह की जांच करा लो पर उसी SIT से इन दोनों पार्टियों की भी तो जांच करानी चाहिए.
. @AamAadmiParty के चंदे पर सवाल उठाना उन लाखों क्रांतिकारियों पर सवाल उठाना है जिन्होंने अपने ख़ून-पसीने की कमाई से भाजपा-कांग्रेस के राजनीतिक कुचक्र को तोड़ा है.एक SIT बना कर हमारी तो हर तरह की जाँच करा लो पर उसी SIT से ज़रा इन दोनों पार्टियों की भी तो जाँच करा लो साहेब😊🙏🇮🇳
— Dr Kumar Vishvas (@DrKumarVishwas) November 27, 2017
उधर आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने भी चंदे पर ट्वीट कर सफाई पेश की है. केजरीवाल ने केंद्र पर निशाना साधते हुए लिखा कि 'यह राजनीतिक प्रतिशोध की हद है. भारत के इतिहास में पहली बार एक राजनीतिक दल का चंदा गैर कानूनी घोषित किया गया है. जबकि इन चंदे की तमाम जानकारी को खातों में दिखाया गया था.
In the history of India, ALL donations to a political party have been declared illegal. All these were accounted for and shown in books of accounts. This is height of political vendetta
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) November 27, 2017
हैरानी की बात यह है कि चंदे की गड़बड़ी पर सफाई देने के लिए आम आदमी पार्टी को 1 नहीं बल्कि 34 बार मौके दिए गए. फिलहाल, पार्टी के सामने इनकम टैक्स को जवाब देने की एक बड़ी चुनौती ज़रूर है. लेकिन आम आदमी पार्टी के नेता कानूनी लड़ाई का दरवाजा भी तलाश रहे हैं.