दिल्ली विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी आम आदमी पार्टी को जोर का झटका लगा है. पार्टी ने जिस नेता को वजीरपुर विधानसभा सीट से टिकट दिया था, उसने 24 घंटे के भीतर टिकट लौटा दिया. इतना ही नहीं, सुरेश भारद्वाज ने टिकट लौटाने के साथ ही यह कहकर सभी को हैरान कर दिया कि वह तो बीजेपी के साथ हैं. सुरेश भारद्वाज ने तो यहां तक कहा कि उन्होंने जब यह खबर सुनी तो वे हैरान रह गए.
वैसे इससे भी ज्यादा हैरानी की बात यह है कि आप का यह दावा कर रही है कि पूर्व भाजपा पार्षद उनके वरिष्ठ नेताओं के संपर्क में थे, जबकि सुरेश भारद्वाज का कहना है कि वह आप के नेताओं के संपर्क में नहीं थे. बहरहाल, इस किरकिरी के बाद 'आप' ने वजीरपुर से राजेश गुप्ता को उम्मीदवार घोषित किया है.
इस पूरे प्रकरण में दिलचस्प बात यह भी है कि सुरेश भारद्वाज कह रहे हैं कि उन्होंने टिकट लौटा दिया है, जबकि आप नेताओं का दावा है कि भारद्वाज के पास एक फैक्ट्री है, लेकिन उन्होंने पार्टी नेताओं से यह बात छिपाई थी. इसी वजह से वजीरपुर से उम्मीदवार को बदल दिया गया.
दूसरी ओर बीजेपी ने यह माना है कि सुरेश भारद्वाज के पार्टी के साथ कुछ मतभेद थे, लेकिन उन्हें सुलझा लिया गया था. भारद्वाज ने शुक्रवार को कहा था कि उन्हें एक बीजेपी विधायक से दिक्कत है. गौरतलब है कि भारद्वाज की बहू अशोक विहार से बीजेपी की पार्षद हैं और उनका बेटा केशवपुरम में बीजेपी का जिलाध्यक्ष है.