बड़े-बड़े दावे करके सत्ता हासिल करने वाली आम आदमी पार्टी के विधायकों में अब 'खास' बनने की चाहत दिखने लगी है. कभी गाड़ी-बंगले और तमाम सरकारी सुविधाओं से दूर रहने का दम भरने वाले नेताओं को अब ज्यादा सैलरी का लोभ सताने लगा है. AAP विधायकों की इस डिमांड पर बीजेपी ने पलटवार भी किया है.
आम आदमी पार्टी के 21 विधायक मासिक सैलरी बढ़ाने की मांग कर रहे हैं. अपनी इस मांग के पीछे विधायकों ने जनता को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने की दुहाई दी है. हालांकि इस मामले में बीजेपी विधायकों ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि यदि केजरीवाल सरकार वेतन में बढ़ोतरी के प्रस्ताव को मान लेती है तो बीजेपी हर महीने एक रुपए सैलरी का प्रस्ताव लेकर आएगी.
'अब तक नहीं हुआ कोई विचार'
दिल्ली सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि विधायकों ने ऐसी मांग जरूर की है, लेकिन अब सरकार ने इस पर कोई विचार नहीं किया है. AAP विधायकों का कहना है कि कई विधायक ऐसे हैं, जिनका या तो अपना घर नहीं है या फिर बहुत छोटा है. जिससे जनसमस्याएं सुनने में उन्हें परेशानी होती है.
विधायकों का कहना है कि उनकी सैलरी बढ़ाई जाए या फिर ऑफिस खोलने के लिए अलग से फंड दिया जाए.