राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कई इलाकों में हवा की गुणवत्ता का स्तर (AQI) बेहद खराब है. कोरोना के बढ़ते केस और प्रदूषण के कणों से जहरीली होती हवा ने दिल्ली के लोगों की चिंता बढ़ा दी है. राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण (Pollution) का स्तर बढ़ने से हवा लगातार जहरीली होती जा रही है. प्रदूषण की वजह से आसमान में सुबह-शाम स्मॉग यानी धुंध की चादर छाने लगी है.
दिल्ली-एनसीआर में आसमान में धुंध (Smog) के कारण विजिबिलिटी काफी कम है. कई इलाकों में हवा की गुणवत्ता (AIQ) खराब जबकि कुछ इलाको में हवा का स्तर बेहद खराब श्रेणी में है. दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद के कुछ इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 से ज्यादा रिकॉर्ड किया गया. जो कि 'गंभीर' श्रेणी माना जाता है.
#WATCH Delhi: Smog shrouds parts of the national capital leading to decreased visibility; visuals from Burari area pic.twitter.com/llJF7zolMV
— ANI (@ANI) November 7, 2020
वहीं, दिल्ली से सटे हरियाणा के फरीदाबाद में भी प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी में पहुंच गया है. फरीदाबाद का एक्यूआई 400 से ऊपर बना हुआ है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार शुक्रवार की सुबह दिल्ली के आनंद विहार में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) का लेवल 442, आरके पुरम में 407, द्वारका में 421 और बवाना में 430 रिकॉर्ड किया गया था. बढ़ते प्रदूषण के बीच त्योहारी सीजन खास तौर पर दिवाली के मौके पर दिल्ली में पटाखों पर 30 नवंबर तक के लिए बैन लगा दिया गया है.
Delhi: Pollution continues to rise in the national capital; Visuals from Peera Garhi.
— ANI (@ANI) November 7, 2020
Air Quality Index recorded at 438 (severe category) in Punjabi Bagh area, as per the Central Pollution Control Board (CPCB). pic.twitter.com/2pvlQ5IPYT
बता दें कि 0 और 50 के बीच एक्यूआई को 'अच्छा', 51 और 100 के बीच 'संतोषजनक', 101 और 200 के बीच 'मध्यम', 201 और 300 के बीच 'खराब', 301 और 400 के बीच 'बेहद खराब' और 401 से 500 के बीच 'गंभीर' माना जाता है.
Delhi: Poor visibility in the national capital due to rise of pollutants in the atmosphere; visuals from Kashmiri Gate and Mukherjee Nagar area. pic.twitter.com/uSJLDQpz8N
— ANI (@ANI) November 7, 2020
राजधानी में खराब वायु गुणवत्ता पर चिंता व्यक्त करते हुए केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने शुक्रवार को कहा कि सरकार प्रदूषण पर काबू पाने के लिए सभी संभव तकनीकी उपायों को प्रोत्साहित करेगी. उन्होंने कहा कि पराली जलाना चिंता का एक कारण है. उन्होंने कहा कि वायु प्रदूषण को कम करने के लिए सरकार हर मोर्चे पर काम कर रही है.