scorecardresearch
 

दिल्ली-नोएडा वालों को दिवाली का तोहफा! हाईकोर्ट ने डीएनडी टोल फ्री करने का दिया आदेश

दिल्ली नोएडा डायरेक्ट फ्लाइवे को टोल फ्री किए जाने की मांग काफी समय से की जा रही थी.

Advertisement
X
डीएनडी फ्लाइवे
डीएनडी फ्लाइवे

Advertisement

दिल्ली से नोएडा और नोएडा से दिल्ली सफर करने वालों के लिए खुशखबरी. दिल्ली और नोएडा को आपस में जोड़ने वाले डीएनडी फ्लाइवे पर अब पैसे नहीं लगेंगे. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डीएनडी टोल फ्री करने का आदेश दे दिया है.

हाईकोर्ट ने कहा है कि डीएनडी पर टोल की अवैध वसूली हो रही है. अदालत ने सरकार से कहा कि वो टोल वसूले जाने पर रोक लगाए. चार साल की सुनवाई के बाद अब डीएनडी मामले में हाइकोर्ट की डिवीजन बेंच ने अपना फैसला सुनाया है. कोर्ट ने कहा कि कॉस्ट से ज्यादा वसूल चुके हो अब बंद कर दो.

दिल्ली नोएडा डायरेक्ट फ्लाइवे को टोल फ्री किए जाने की मांग काफी समय से की जा रही थी. इस मामले में डीएनडी नोएडा प्राधिकरण और कंपनी के बीच हुए समझौते को रद्द कर इसे टोल फ्री करने के लिए फेडरेशन ऑफ नोएडा रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशसन (फोनरवा) ने जनहित याचिका दायर की थी. डीएनडी को टोल फ्री करने के लिए फोनरवा के साथ-साथ अन्य संगठन भी कोर्ट में और शासन से लड़ाई लड़ रहे थे.

Advertisement

2012 में दायर हुई थी याचिका

साल 2001 में डीएनडी पर वाहनों की आवाजाही शुरू हुई थी. इससे पहले इसको बनाने के लिए नोएडा प्राधिकरण और नोएडा टोल ब्रिज कंपनी के बीच समझौता हुआ था. इस समझौते में 20 प्रतिशत मुनाफे समेत कई ऐसे बिंदु हैं जो सीधे तौर पर कंपनी को फायदा पहुंचा रहे हैं. इस समझौते को खत्म कर डीएनडी को टोल फ्री करने के लिए फोनरवा ने 16 नवंबर 2012 को इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. टोल वसूलने पर भी रोक लगाने की मांग की गई थी.

इलाहाबाद हाइकोर्ट में सुनवाई धीमी गति से चलने पर फोनरवा ने 26 अप्रैल 2016 को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की बेंच ने 30 जून 2016 को हाईकोर्ट को तीन महीने के अंदर फैसला सुनाने का आदेश दिया था.

SC में देंगे फैसले को चुनौती

फैसला नहीं देने की स्थिति में टोल वसूली पर रोक लगाने का निर्देश भी सुप्रीम कोर्ट ने दिया था. तीन महीने का वक्त 30 सितंबर को समाप्त हो गया था. तय समय पर फैसला नहीं आने पर फोनरवा दोबारा से सुप्रीम कोर्ट जाने पर विचार कर रहा था. लेकिन इसी बीच हाई कोर्ट ने फैसला सुनाने के लिए 26 अक्टूबर की तारीख तय कर दी थी.

Advertisement

अब हाई कोर्ट के फैसले के बाद ये मामला जल्द ही सुप्रीम कोर्ट पहुंचेगा. क्योंकि डीएनडी पर टोल वसूलने वाली कंपनी इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी.

Advertisement
Advertisement