अंकित सक्सेना हत्याकांड में दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट आज छह साल बाद अपना फैसला सुनाएगी. कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद 23 दिसंबर 2023 को अंकित की गर्लफ्रेंड शहजादी के माता-पिता और मामा को दोषी ठहराया था. सोमवार को कोर्ट में दोषियों की सजा पर बहस होगी. उसके बाद कोर्ट सजा तय करेगा.
मामला एक फरवरी 2018 का है. पश्चिमी दिल्ली के रघुबीर नगर में दूसरे समुदाय की लड़की से रिश्ते के चलते अंकिता सक्सेना की बीच सड़क पर चाकू से गला काटकर हत्या कर दी गई थी. अदालत ने गर्लफ्रेंड की मां शाहनाज बेगम, पिता अकबर अली और मामा मोहम्मद सलीम को दोषी ठहराया था. अदालत का कहना था कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में सफल रहा है कि अंकित की हत्या दूसरे समुदाय की लड़की से प्रेम संबंध के कारण की गई थी.
'तीन साल से रिलेशन में था अंकित'
23 वर्षीय अंकित सक्सेना फोटोग्राफर था. गर्लफ्रेंड शहजादी के साथ अंकित तीन साल से रिलेशन में था. लड़की के परिवार ने इस रिश्ते का विरोध किया था. क्योंकि दोनों अलग-अलग समुदाय से थे. घटना वाले दिन लड़की (अंकित की प्रेमिका) घर से निकल गई थी. इससे बौखलाए उसके पिता अकबर अली, मां शहनाज बेगम और मामा मोहम्मद सलीम ने घटना को अंजाम दिया. अदालत ने सजा पर दलीलें सुनने के लिए 15 जनवरी तारीख तय की है.
'लड़की का नाबालिग भाई भी आरोपी, जुवेनाइल बोर्ड में केस'
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार शर्मा ने माता-पिता अकबर अली और शाहनाज बेगम और मामा मोहम्मद सलीम को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 (हत्या) और 34 (सामान्य इरादा) के तहत अपराध का दोषी ठहराया. शाहनाज बेगम को स्वेच्छा से चोट पहुंचाने के आरोप में अलग से दोषी ठहराया है. मामले में लड़की का नाबालिग भाई भी आरोपी है. उसके खिलाफ जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में मामला चल रहा है.
'कोर्ट ने 121 पेज में लिखा फैसला'
अदालत ने कहा, अभियोजन पक्ष ने सभी आरोपियों के खिलाफ यह साबित कर दिया है कि उन्होंने अंकित सक्सेना की हत्या की थी. इसलिए, सभी आरोपियों को आईपीसी की धारा 302 और 34 के तहत दंडनीय अपराध के तहत दोषी ठहराया जाता है. 23 दिसंबर को सुनाए गए 121 पेज के फैसले में अदालत ने शाहनाज बेगम को स्वेच्छा से चोट पहुंचाने के आरोप में भी दोषी ठहराया. अभियोजन पक्ष ने साबित किया कि आरोपी ने अंकित की मां पर भी हमला किया, जब वो अपने बेटे की रक्षा करने की कोशिश कर रही थीं. परिवार के सदस्य अपनी बेटी और अंकित के बीच दोस्ती या रिश्ते से नाखुश थे.
'दोनों के रिश्ते खत्म नहीं हुए तो...'
अदालत ने कहा कि यह साबित हो गया है कि दोस्ती के कारण परिवार के सदस्यों ने अपना निवास स्थान बदल लिया था, लेकिन जब दोनों के रिश्ते खत्म नहीं हुए तो 1 फरवरी, 2018 को सभी आरोपियों ने अपने सामान्य इरादे को आगे बढ़ाने के लिए चाकू से अंकित का गला काटकर मार दिया.
'रोज फोन पर बात करते थे अंकित और प्रेमिका'
जिस लड़की के साथ अंकित के संबंध थे, उसके बयान पर गौर करते हुए कोर्ट ने कहा, अंकित और लड़की दोस्त थे और रोजाना टेलीफोन पर बातचीत करते थे. अदालत ने कहा, संबंधित गवाहों ने इस बारे में भी गवाही दी कि किस तरह से झगड़ा हुआ और किस तरह से पीड़ित का गला काटा गया. दिल्ली पुलिस की ओर से विशेष लोक अभियोजक विशाल गोसाईं और रेबेका मैमन जॉन पेश हुए.
1 फरवरी 2018 की कहानी, अंकित की मां की जुबानी...
''रात के 8 बजे होंगे. अंकित काम से लौटा और बैग रखकर बाहर चला गया. मैं खाने की तैयारी में जुटी थी, तभी एक लड़का दौड़ता हुआ आया और कहा कि अंकित से गली में कुछ लोग लड़ रहे हैं. इसके पापा ऊपर काम कर रहे थे. उन्हें बताया तो कहा कि हाथ का काम निपटाकर आता हूं. मैं भागती हुई नीचे गई तो देखा कि हमारे पुराने पड़ोसी गाली-गलौज कर रहे थे. चिल्ला रहे थे कि बता, हमारी बेटी को कहां छिपा रखा है वरना मार देंगे. इधर मेरा बेटा लगातार बोले जा रहा था- आंटी मुझे शहजादी (अंकित की गर्लफ्रेंड) का नहीं पता. आप पुलिस को बुलवा लीजिए. मैं यहीं खड़ा रहूंगा. मां आगे कहती हैं- मैं बीच-बचाव करने लगी तो लड़की की मां मुझ पर टूट पड़ी. वो गाली देते हुए मारपीट कर रही थी. अंकित बचाने आया तो लड़की के भाई और मामा ने उसके हाथ पकड़ लिए. पीछे से उसके पापा आए. मेरे बेटे के बाल खींचकर उसकी गर्दन अपनी ओर झुकाई और चाकू से काट दिया. एक ही झटके में. जैसे पूरी प्लानिंग करके आए हों. जिस लड़की की वे बात कर रहे थे, उसके साथ बेटा बचपन में खेलता-कूदता था. 8-10 साल के रहे होंगे. गली के सब बच्चे संग-साथ ही रहते. कैसे समझ आता कि वे ऐसा कर देंगे.''
'लड़की ने क्या कहा है...'
अंकित की प्रेमिका ने अपनी जान को खतरा होने का दावा किया था, जिसके बाद उसे नारी निकेतन भेज दिया गया था. लड़की ने आजतक से विशेष बातचीत में बताया था कि प्रेमी अंकित की ऑनर किलिंग के लिए मेरे परिवार वाले जिम्मेदार हैं और वो उनसे डरी हुई है. जब मुझे पता चला (अंकित को लेकर परिवार का प्लान) तो मैं उससे मिलने जा रही थी. मेरे परिवार ने उसे मार डाला. मेरे मामा ने यह किया है. मैं और अंकित शादी करने वाले थे. पुलिस की जांच में पता चला था कि अपराध में इस्तेमाल किया गया हथियार लड़की के पिता का था और जो पेशे से कसाई है.
'अधिकतम फांसी या न्यूनतम उम्रकैद की सजा हो सकती'
पुलिस के मुताबिक, 'लड़की के छोटे भाई, मां, पिता और मामा ने अंकित को रास्ते में रोक लिया था. उनके हाथ में चाकू देखकर अंकित ने अपने लव अफेयर को नकारा था, ताकि उसकी जान बच सके. तीस हजारी कोर्ट ने इस मामले में अभियोजन और बचाव पक्ष से शपथपत्र दाखिल करने के लिए भी कहा है. दिल्ली पुलिस मुकदमा लड़ने में आए खर्च और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने को लेकर भी रिपोर्ट दाखिल करेगी. कानून के जानकारों के मुताबिक हत्याकांड के दोषियों के लिए अधिकतम फांसी की सजा और न्यूनतम उम्रकैद की सजा का प्रावधान है.