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पांच साल में दिल्ली को बदल देंगे केजरीवाल, मोदी से कोई तुलना नहीं: अन्ना हजारे

अभी ज्यादा नहीं बीते जब दिल्ली चुनाव के दौरान अन्ना हजारे अपने शिष्य अरविंद केजरीवाल से नाराज चल रहे थे. लेकिन मंगलवार को भूमि अधिग्रहण बिल के खिलाफ अन्ना के मंच पर केजरीवाल भी दिखे. समीकरण बदले तो बुधवार को आजतक से एक्सक्लूसिव बातचीत में अन्ना हजारे ने न सिर्फ बतौर सीएम केजरीवाल की तारीफ की बल्कि‍ यहां तक कह दिया कि अगले पांच साल में केजरीवाल दिल्ली की सूरत बदल देंगे.

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समाजसेवी अन्ना हजारे
समाजसेवी अन्ना हजारे

अभी ज्यादा नहीं बीते जब दिल्ली चुनाव के दौरान अन्ना हजारे अपने शिष्य अरविंद केजरीवाल से नाराज चल रहे थे. आज तक से खास बातचीत में तब अन्ना ने कहा था कि केजरीवाल ने लंबे अरसे से उनसे मुलाकात तक नहीं की है. लेकिन मंगलवार को भूमि अधिग्रहण बिल के खिलाफ अन्ना के मंच पर केजरीवाल भी दिखे. समीकरण बदले तो बुधवार को आज तक से एक्सक्लूसिव बातचीत में अन्ना हजारे ने न सिर्फ बतौर सीएम केजरीवाल की तारीफ की बल्कि‍ यहां तक कह दिया कि अगले पांच साल में केजरीवाल दिल्ली की सूरत बदल देंगे.

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इसे समय का फेर कहें या कुछ और. तब भ्रष्टाचार के आंदोलन ने अन्ना और केजरीवाल को साथ आने का मौका दिया और अब भूमि अधि‍ग्रहण के खि‍लाफ आंदोलन ने एक बार फिर दोनों के बीच रिश्तों को मधुर बनाने का काम किया है. विधानसभा चुनाव के दौरान जो अन्ना केजरीवाल के लिए खुलकर वोट देने की अपील भी नहीं कर रहे थे, उन्हीं अन्ना ने अब केजरीवाल सरकार के फैसलों की सराहना की है.

आज तक से एक्सक्लूसिव बातचीत में अन्ना ने कहा, 'अरविंद केजरीवाल सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. मोहल्ला सभा उनकी अच्छी पहल है. अरविंद केजरीवाल पांच साल में दिल्ली को बदल कर रख देंगे.'

चाय बेचने वाला गरीबों की नहीं सुन रहा
केजरीवाल की नी‍ति की प्रशंसा करते हुए अन्ना ने कहा कि वह नया और अच्छा मॉडल लेकर आए हैं. इससे लोगों के मन में आशा की किरण जगी है. केंद्र सरकार के भूमि अधि‍ग्रहण बिल के खि‍लाफ दो दिन धरना करने वाले अन्ना हजारे ने कहा कि सरकार का बिल किसान विरोधी है और यह दुखद है कि एक चाय बेचना वाला आदमी आज गरीबों की, किसानों की नहीं सुन रहा है. अन्ना ने यह भी स्पष्ट किया कि केजरीवाल और मोदी की तुलना करना गलत है.

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अभी अनशन नहीं
भूमि अधिग्रहण बिल में सरकार की ओर से आंशिक बदलाव की बात कहे जाने पर अन्ना ने कहा कि अगर सरकार जनता की नहीं मानेगी तो लोग आंदोलन करेंगे. अन्ना ने साफ तौर पर कहा कि उनकी मंशा अभी अनशन करने की नहीं है. उन्होंने कहा, 'अनशन करके सरकार के लिए मरकर क्या फायदा, मरना है तो आंदोलन करके मरेंगे. लड़ते हुए मरेंगे.'

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