सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे, सभी सेना कमांडरों सहित शीर्ष भारतीय सेना के नेतृत्व ने आज गुरुवार को चीन और पाकिस्तान के साथ सीमाओं पर स्थिति की समीक्षा की. बता दें कि हाल ही में पाकिस्तान और चीन सीमा के उत्तरी और पूर्वी सेक्टर में नेतृत्व में परिवर्तन किया गया है.
लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने उधमपुर स्थित नॉर्दन कमांड जबकि लेफ्टिनेंट जनरल राणा प्रताप कलिता पूर्वी सेक्टर में सेना कमांडर हैं. यह लेफ्टिनेंट जनरल मनोज पांडे की सेना के उप प्रमुख के रूप में पहली मुलाकात भी है. बैठक ऐसे समय में हो रही है जब भारत और चीन के बीच 14 दौर की बातचीत हो चुकी है और जल्द ही 15वें दौर की बातचीत भी होने वाली है.
सेना के कमांडरों को पूर्वी सेक्टर में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की गतिविधियों सहित चीन सीमा पर स्थिति से अवगत कराया जाएगा. चीन की ओर से एकतरफा आक्रामकता दिखाने के बाद पिछले साल अप्रैल-मई से भारत और चीन के बीच सैन्य गतिरोध है. दोनों पक्षों ने इलाके में भारी हथियारों के साथ बड़ी संख्या में जवानों को तैनात किया है.
भारत ने चीनी आक्रमण का मुंहतोड़ जवाब भी दिया है और कई इलाकों में उसके कार्यों की जांच भी की है. बता दें कि दोनों देशों की सेनाओं के बीच गालवान झड़प भी हुई जिसमें दोनों पक्षों के सैनिक शहीद हुए थे. भारतीय सेना इलाके में शांति स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है. साथ ही दुश्मन सैनिकों की ओर से किसी भी दुस्साहस को विफल करने के लिए उच्च स्तर की तैयारी भी की गई है.
Galwan Valley पर ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने खोली चीन की पोल
पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में जून 2020 को भारत और चीन के सौनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी. इस झड़प में कर्नल संतोष बाबू समेत भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे. लेकिन चीन पर झड़प के बाद से अपने सैनिकों की मौतें छिपाने का आरोप लगता रहा है. अब इस मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. दरअसल, हिंसक झड़प के दौरान चीन के 38 सैनिक नदी में बह गए थे. जबकि चीन ने सिर्फ 4 सैनिकों की मौत की बात कबूली थी.
ऑस्ट्रेलिया के न्यूजपेपर 'द क्लैक्सन' (The Klaxon) में एक रिपोर्ट छपी है. 'गलवान डिकोडेड' नाम से छपी इस रिपोर्ट को इंडिपेंडेंट सोशल मीडिया रिसर्चर्स की टीम ने तैयार किया है. इसमें कहा गया है कि झड़प के दौरान चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के कई जवान गलवान नदी में बह गए थे. ऑस्ट्रेलियाई मीडिया की इस रिपोर्ट ने एक बार फिर चीन के झूठ को दुनिया के सामने उजागर कर दिया है.
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